नई दिल्ली: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार (22 मई) को घोषणा की कि उसने पुणे की एक शिक्षिका मनीषा संजय हवलदार को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान रद्द हुई NEET-UG 2026 परीक्षा के भौतिकी प्रश्नपत्र के लीक होने के मुख्य आरोपी के रूप में हुई है।
यह गिरफ्तारी रद्द हुई 3 मई की परीक्षा के सिलसिले में रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के दो विशेषज्ञों को गिरफ्तार करने के कुछ ही दिनों बाद हुई है। अब तक इस मामले में कुल 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीबीआई के मुताबिक, मनीषा पुणे महाराष्ट्र स्थित सेठ हिरालाल सराफ प्रशाला में कार्यरत थीं। वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ के रूप में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी हुई थीं और उसकी फिजिक्स प्रश्न पत्रों तक पहुंच थी।
CBI ने क्या कहा?
सीबीआई का दावा है कि अप्रैल 2026 में मनीषा हवलदार ने फिजिक्स विषय के कुछ प्रश्न सह-आरोपी मनीषा मंडारे को साझा किए थे। उसे पहले ही 16 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने बताया कि साझा किए गए प्रश्न परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से मेल खाते पाए गए हैं।
इस मामले में सीबीआई ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की है, जिसमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है। जब्त किए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच जारी है।
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शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया मामला
सीबीआई ने यह मामला 12 मई को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था। शिकायत में नीट में पेपर लीक के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जांच एजेंसी ने बताया कि शुरुआती कार्रवाई के बाद देशभर में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
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सीबीआई के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ बिचौलिए ऐसे छात्रों को जोड़ते थे, जो लाखों रुपए देकर विशेष कोचिंग कक्षाओं में शामिल होते थे, जहां कथित तौर पर परीक्षा में आने वाले प्रश्न उपलब्ध कराए जाते थे। सीबीआई ने कहा है कि मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पेशेवर तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है तथा पेपर लीक नेटवर्क के सभी स्तरों की पहचान की जा रही है।

