Bondi Beach Shooting: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में बोंडी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले को लेकर जांच एजेंसियों ने नया खुलासा किया है। यहूदी समुदाय के हनुक्का कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी करने वाला 50 वर्षीय साजिद अकरम भारतीय मूल का था। अकरम ने पिछले महीने फिलीपींस की यात्रा भारतीय पासपोर्ट पर की थी। इस बात की पुष्टि फिलीपींस के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने मंगलवार को की। एजेंसी ने यह भी बताया कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम (24) ने नवंबर महीने में लगभग पूरा समय फिलीपींस में बिताया था, जिसकी जांच अब ऑस्ट्रेलियाई एजेंसियां कर रही हैं।
साजिद और उसके बेटे ने 14 दिसंबर को यहूदी समुदाय के लोगों पर राइफलों से अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई और 42 अन्य घायल हो गए। पुलिस के साथ मुठभेड़ में साजिद अकरम को गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नवीद अकरम गंभीर रूप घायल हो गया। अकरम अस्पताल में भर्ती है और फिलहाल वह कोमा में है।
फिलीपींस ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की प्रवक्ता डाना सैंडोवल के अनुसार, साजिद अकरम (भारतीय नागरिक और ऑस्ट्रेलिया के स्थायी निवासी) और नवीद अकरम (ऑस्ट्रेलियाई नागरिक) एक नवंबर 2025 को सिडनी से फिलीपींस पहुंचे थे। दोनों ने दावाओ को अपना अंतिम गंतव्य बताया था और 28 नवंबर को दावाओ से मनीला होते हुए सिडनी लौट गए। अधिकारियों के मुताबिक, इस यात्रा का उद्देश्य अभी जांच के दायरे में है।
ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री टोनी बर्क ने बताया कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था और 2001 में उसने पार्टनर वीजा ले लिया था। इसके बाद वह स्थायी निवासी बन गया और रेजिडेंट रिटर्न वीजा के तहत कई बार विदेश यात्रा कर चुका था। वहीं, नवीद अकरम ऑस्ट्रेलिया में जन्मा नागरिक है।
हमलावरों का ISIS कनेक्शन

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने मंगलवार को कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि दोनों हमलावर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) की विचारधारा से प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि यह हमला यहूदी समुदाय में डर फैलाने के इरादे से किया गया। पुलिस ने घटना के बाद समुद्र तट के पास नवीद अकरम के नाम से पंजीकृत एक कार बरामद की, जिसमें अस्थायी बम और दो हाथ से बने आईएसआईएस झंडे मिले हैं।
न्यू साउथ वेल्स के पुलिस आयुक्त माल लैन्यन ने बताया कि हमलावरों की गतिविधियों की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है, खासकर यह जानने के लिए कि क्या उन्होंने फिलीपींस यात्रा के दौरान किसी चरमपंथी नेटवर्क से संपर्क किया था। दावाओ, मिंडानाओ द्वीप का प्रमुख शहर है और इसे दक्षिणी फिलीपींस का प्रवेश द्वार माना जाता है। यह क्षेत्र पहले भी इस्लामिक स्टेट से जुड़ी गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहा है।
ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक, नवीद अकरम 2019 में खुफिया एजेंसियों के संपर्क में आया था, लेकिन उस समय उसे तात्कालिक खतरा नहीं माना गया। प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने कहा कि उस दौरान नवीद और उसके परिवार से पूछताछ की गई थी, लेकिन कोई ठोस चेतावनी संकेत नहीं मिले थे।
ऑस्ट्रेलिया के 9 न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में नवीद अकरम के एक पूर्व सहकर्मी ने बताया कि उसका पारिवारिक बैकग्राउंड भारतीय और इतालवी था। उसकी माँ इतालवी मूल की थीं, जबकि पिता भारतीय। सहकर्मी के अनुसार, नवीद कभी-कभी धर्म की बात करता था, लेकिन आक्रामक या कट्टर नहीं लगता था और उसके पास हथियार रखने का लाइसेंस भी था।
घटना से पहले नवीद ने अपनी माँ से कहा था कि वह मछली पकड़ने के लिए शहर से बाहर जा रहा है, लेकिन जांच एजेंसियों का मानना है कि वह अपने पिता के साथ एक किराए के अपार्टमेंट में हमले की योजना बना रहा था। दोनों ने करीब 10 मिनट तक समुद्र तट और पास के पार्क में गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में साजिद अकरम मारा गया।
इस बीच, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात कर हमले और जांच की जानकारी दी। वोंग ने कहा कि दोनों देशों ने यह स्पष्ट किया है कि यहूदी-विरोध, हिंसा और आतंकवाद के लिए किसी भी समाज में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जयशंकर ने भी बॉन्डी बीच आतंकी हमले पर गहरी संवेदना जताते हुए ऑस्ट्रेलिया को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

