Anandmath Book Review: प्रसिद्ध बांग्ला साहित्यकार बंकिमचंद्र चटर्जी ने बंगाल के अकाल और संन्यासी विद्रोह पर आनंदमठ किताब लिखी। यह किताब 1882 में मूल रूप से बांग्ला में लिखी गई थी। बाद में इसका कई प्रकाशकों ने अन्य भाषाओं में अनुवाद किया। किताब तत्कालीन समाज और अंग्रेजों और यवनों के विरुद्ध लड़ाई को मुख्यतः केंद्रित करती है। इसके साथ ही अकाल की विभीषिका को भी चित्रित करती है। किताब की पुस्तक समीक्षा देखें और अपनी राय दें। जल्द ही किसी नई किताब के साथ मिलेंगे।
बंकिमचंद्र चटर्जी की किताब ‘आनंदमठ’ की पुस्तक समीक्षा, जिससे लिया गया राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम्’
बंकिमचंद्र चटर्जी ने आनंदमठ में बंगाल में पड़े भीषण अकाल की विस्तृत चर्चा की है। इसके साथ ही सैन्य विद्रोह को भी चित्रित किया है।


बेहतरीन पुस्तक समीक्षा की है आप ने। आननंदमठ पढ़ने हेतु उत्सकुता जागृत हो उठी । धन्यवाद।
बहुत बहुत धन्यवाद।