अशोक पांडे की लेखनी बेहद कमाल की है। उन्होंने बचपन के किस्सों को शानदार ढंग से पिरोया है जिससे बचपन की याद आ जाना स्वाभाविक है। बचपन की खट्टी-मीठी यादों में खो जाना चाहते हैं तो उनके उपन्यास ‘लपूझन्ना’ को जरूर पढ़ें।
उनकी किताब के बारे में बात की है, जिसे देख सकते हैं।

