नई दिल्लीः नीट पेपर लीक विवाद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार खत्म हो गया। आंदोलन समाप्त होने और सुरक्षा स्थिति सामान्य होने के बाद दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। इससे केंद्रीय दिल्ली में आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिली है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने बताया कि सभी स्टेशनों पर प्रवेश और निकास सेवाएं पूरी तरह बहाल कर दी हैं। गौरतलब है कि सुरक्षा कारणों से शनिवार को केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को अस्थायी रूप से बंद किया गया था।
डीएमआरसी ने रविवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सभी स्टेशन अब यात्रियों के लिए खुले हैं और सभी जगह सामान्य परिचालन बहाल हो गया है। इससे पहले शनिवार शाम को धीरे-धीरे कई स्टेशनों पर पाबंदियां हटाई गई थीं। जनपथ के अलावा राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशनों पर भी प्रवेश सेवाएं बहाल की गई थीं।
18 मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया था
डीएमआरसी ने नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए शनिवार को केंद्रीय दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री और एग्जिट सेवाएं अगले आदेश तक रोक दी थीं। प्रभावित स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली शामिल थे।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को जंतर-मंतर पर चल रहा अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। यह फैसला धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और केंद्र सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद लिया गया। नई दिल्ली में हुई संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और सीजेपी के प्रतिनिधि सौरव दास तथा आशुतोष रांका मौजूद रहे।
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज पुलिस मामले और एफआईआर वापस लेने की लिखित पुष्टि दी जाएगी। इसके अलावा, कथित पेपर लीक विवाद से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को अधिकतम संभव मुआवजा देने का फैसला भी किया गया है।
सीजेपी नेताओं ने कहा कि सरकार ने आंदोलन के दौरान उठाई गई सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद संगठन ने छात्रों से जंतर-मंतर पर अपना धरना समाप्त कर घर लौटने की अपील की। सीजेपी की ओर से सौरव दास ने कहा कि जब सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं, तो अब जंतर-मंतर पर धरना जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।

