शुक्रवार, मार्च 20, 2026
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आप MLA पठानमाजरा पुलिस हिरासत से फरार, थाने ले जाते वक्त समर्थकों ने की फायरिंग

गिरफ्तारी के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा ने कहा था कि उन पर पुराना केस दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी पूर्व पत्नी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आप की दिल्ली टीम पंजाब पर राज करने की कोशिश कर रही है और उनकी आवाज को दबा रही है’।

चंडीगढ़: अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सनौर के आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ देर बाद ही वह पुलिस की हिरासत से फरार हो गए। पुलिस पठानमाजरा को करनाल से गिरफ्तार करने के बाद थाने ले जा रही थी, तभी आप विधायक और उनके साथियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की भी कोशिश की गई जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। इसके बाद पठानमाजरा और उनके साथी स्कॉर्पियो और एक फॉर्च्यूनर से फरार हो गए।

पठानमाजरा पर रेप का आरोप लगा है। पुलिस उन्हें हरियाणा के करनाल के गांव डबरी से गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी धारा 376 के एक पुराने मामले में की गई है। खास बात यह है कि यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही घंटे पहले उन्होंने अपनी ही सरकार की बाढ़ राहत कार्यों को लेकर सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी और ‘दिल्ली लॉबी’ पर पंजाब के मामलों में दखल देने का आरोप लगाया था।

पठानमाजरा के वकील साग्गू ने क्या कहा?

पठानमाजरा ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिस से प्रेरित बताया। पुलिस हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने कहा कि उन पर पुराना केस दर्ज किया गया है, जिसमें उनकी पूर्व पत्नी शामिल हैं। वहीं इस बीच पठानमाजरा के वकील का भी बयान सामने आया है।

पठानमाजरा के वकील सिमरनजीत सिंह साग्गू ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि विधायक के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर (प्राथमिकी) राजनीति से प्रेरित है और यह सब हाल ही में बाढ़ को लेकर हुए सियासी खींचतान का नतीजा है।

वकील साग्गू ने कहा, “विधायक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (रेप) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज किया गया है। यह पूरी तरह से कानून और तथ्यों के खिलाफ है।” उन्होंने बताया कि इसी मामले से जुड़ी एक शिकायत पहले हाई कोर्ट में थी। हाई कोर्ट ने जाँच के लिए डीआईजी (रोपड़ रेंज) को निर्देश दिया था। लेकिन, बीते दो दिनों में राजनीतिक हालात बदलने के कारण यह नई एफआईआर दर्ज कर ली गई।

साग्गू ने आगे कहा कि शिकायतकर्ता ने खुद हाई कोर्ट में एक रिपोर्ट जमा की थी, जिसमें उसने यह बात मानी थी कि वह हरमीत सिंह के साथ ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ में थी। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा था कि अगर उनके रिश्ते सुधरते हैं तो वह इसे जारी रखने के लिए तैयार है। साग्गू ने सवाल उठाया कि इस तरह की स्थिति होने के बावजूद धारा 376 और 420 कैसे लगाई जा सकती हैं?

वकील साग्गू ने कहा कि यह पूरी कार्रवाई “राजनीतिक लोगों और नौकरशाहों के बीच की लड़ाई” है, जो हमारे सिस्टम के काम करने के तरीके पर बड़े सवाल खड़े करती है। उन्होंने बताया कि अब विधायक को पटियाला जिला कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पठानमाजरा ने आरोप लगाया कि ‘आप की दिल्ली टीम पंजाब पर राज करने की कोशिश कर रही है और उनकी आवाज को दबा रही है’। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सुरक्षा हटा ली गई है और उनके इलाके के सभी पुलिस प्रमुखों का तबादला कर दिया गया है। आप विधायक ने हाल ही में एक सीनियर आईएएस अधिकारी पर नदियों, खासकर टांगरी नदी, की सफाई और गाद निकालने का काम रोकने का आरोप लगाया था, जिसकी वजह से राज्य में बाढ़ आ गई। उन्होंने गुस्से में कहा कि सरकार को लोगों की बात सुननी चाहिए, नहीं तो वे हमें मारेंगे।

पठानमाजरा पर यौन शोषण, धमकी और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप

एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने बताया कि इस मामले से जुड़ी महिला ने 26 अगस्त को एक नई शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने आरोप लगाए थे कि विधायक ने उससे झूठ बोला कि वह तलाकशुदा है और उसके साथ संबंध बनाने लगा। महिला ने उन पर यौन शोषण, धमकी और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाया है।

एफआईआर के अनुसार, शिकायत करने वाली 45 साल की महिला तलाकशुदा है और उसकी एक बेटी विदेश में रहती है। महिला का कहना है कि उसने 2013 के आसपास पठानमाजरा के साथ रिश्ता शुरू किया था। उस समय पठानमाजरा ने उसे बताया था कि वह भी तलाकशुदा है।

साल 2021 में, दोनों ने लुधियाना के एक गुरुद्वारे में शादी कर ली। लेकिन 2022 में, जब पठानमाजरा ने सानौर से चुनाव लड़ा तो महिला को पता चला कि विधायक ने अपने हलफनामे में पहली पत्नी का नाम दिया था। महिला ने आरोप लगाया कि विधायक ने उस पर दबाव डाला और कहा कि वह अपनी पहली पत्नी को जल्द ही तलाक दे देगा।

एक वरिष्ठ आप पदाधिकारी ने कहा कि जब विधायक को शिकायत के बारे में पता चला और उन्हें गिरफ्तारी का डर हुआ, तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से सरकार पर हमला करना शुरू कर दिया।” उन्होंने बताया कि पठानमाजरा सोमवार देर रात करनाल चले गए थे, जहाँ उन्हें मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया।

इससे पहले मंगलवार को पठानमाजरा सोशल मीडिया पर लाइव आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा, “मुझे पहले से ही पता था। मैंने कल ही अपने सुरक्षाकर्मियों से कहा था कि वे तैयार रहें। दिल्ली के नेताओं को लगता है कि वे मुझे डरा सकते हैं… लेकिन मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूँ कि सभी विधायक आपके साथ हैं। अगर आप आज मेरी बात नहीं सुनेंगे, तो बहुत देर हो जाएगी।”

उन्होंने खुद को पार्टी का एक ‘सिपाही’ बताते हुए कहा कि ये लोग तानाशाह हैं। अधिकारियों को हटाने के बजाय, वे विधायकों पर कार्रवाई कर रहे हैं। वे ऐसा करके सभी विधायकों को एक संदेश देना चाहते हैं कि अगर कोई बोला तो उसके साथ भी ऐसा ही होगा। पठानमाजरा ने यह भी कहा कि दिल्ली के नेताओं के कहने पर पंजाब विजिलेंस ब्यूरो उनके खिलाफ केस दर्ज कर सकता है, क्योंकि वह अपनी ही सरकार के खिलाफ बोल रहे हैं।

मान सरकार की आलोचना के बाद सुरक्षा हटी

पठानमाजरा की गिरफ्तारी से कुछ ही घंटे पहले, पार्टी ने उनका सुरक्षा कवर अचानक हटा दिया था और उनके विधानसभा क्षेत्र सनाैेर के सभी थानाध्यक्षों और पुलिस पोस्ट के प्रमुखों का तबादला कर दिया था। हाल ही में विधायक ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार के निर्देश पर सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने नदी तल की गाद निकालने के काम को रोका, जिसकी वजह से राज्य में बाढ़ की स्थिति और खराब हो गई। इसको लेकर आप नेता ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव कृष्ण कुमार पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि यह कैसे हो सकता है कि कृष्ण कुमार की बात सुनी जाए, लेकिन विधायकों की नहीं? मुख्यमंत्री मान को सोचना होगा। अगर हम शहरों में बैठे अधिकारियों की सुनते रहे, तो पूरा राज्य डूब जाएगा। वहीं, पठानमाजरा ने आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अगली बार वह नदी की सफाई के लिए अनुमति नहीं लेंगे। हम खुद ही गाद निकालेंगे। हम टांगरी नदी को चौड़ा और गहरा करेंगे। अगर कृष्ण कुमार आए, तो हम उसे गड्ढे में दबा देंगे। विधायक ने सीएम मान से कुमार को हटाने की मांग भी की थी।

बता दें कि कुछ ही महीने पहले, धमकी भरे कॉल मिलने के बाद पठानमाजरा को अतिरिक्त सुरक्षा दी गई थी। लेकिन शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर, पटियाला पुलिस ने सोमवार को उनकी सुरक्षा में तैनात आठ कमांडो को वापस बुला लिया। पठानमाजरा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अधिकारियों को हटाने की अपील करते हुए कहा था कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ‘2027 के विधानसभा चुनाव में आप की हालत बहुत खराब होगी’।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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