पाकिस्तान के कराची में गुरुवार शाम कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर जानलेवा हमला हुआ। अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। फायरिंग की चपेट में आए दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं। पुलिस इस हमले की जांच गैंगवार और निजी दुश्मनी समेत कई एंगल से कर रही है।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, चाकीवाड़ा पुलिस ने बताया कि 40 साल के जुबैर बलोच को कराची के लियारी इलाके की मुख्य चाकीवाड़ा रोड पर गोली मारी गई। हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों को भी कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उजैर बलोच प्रतिबंधित पीपुल्स अमन कमेटी का प्रमुख रह चुका है। उसके जीवन से प्रेरित किरदार को हाल में अभिनेता दानिश पंडोर ने 2026 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में निभाया था।
कैसे हुआ हमला?
साउथ जोन के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) सैयद असद रजा ने बताया कि जुबैर बलोच अपने घर के बाहर सिंगू लेन इलाके में मौजूद था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो हथियारबंद हमलावर वहां पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमला करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
जुबैर बलोच को सीने और पेट सहित शरीर के कई हिस्सों में गोलियां लगीं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी की गई। डीआईजी के मुताबिक, गोलीबारी की चपेट में आया एक राहगीर भी गंभीर रूप से घायल हुआ है।
पुलिस का कहना है कि हमले की जांच कई संभावित कारणों को ध्यान में रखकर की जा रही है। इनमें गैंगवार और व्यक्तिगत दुश्मनी दोनों शामिल हैं।
कराची में फिर बढ़ेगी गैंगवार?
इस बीच, नाम न बताने की शर्त पर एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने दावा किया कि जुबैर बलोच हाल ही में एक राजनीतिक दल में शामिल हुआ था और पिछले कुछ महीनों से इलाके में उस पार्टी के झंडे भी लगाए जा रहे थे।
सामाजिक कार्यकर्ता ने यह भी दावा किया कि लियारी में इस बात की चर्चा तेज है कि कराची ऑपरेशन के दौरान दुबई और ईरान भागे कई गैंग सदस्य हालिया अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद वापस लौट आए हैं। इससे इलाके में एक बार फिर गैंगवार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे ढक रखे थे। वारदात के दौरान पास की एक दुकान के मालिक ने जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से भाग निकले।
उजैर बलोच के खिलाफ कई मामले
उजैर बलोच लंबे समय से कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहा है। इसी साल मार्च में एक आतंकवाद निरोधी अदालत ने हत्या, विस्फोटक रखने और पुलिस पर सशस्त्र हमला करने समेत सात अलग-अलग मामलों में उसकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।
ये सभी मामले वर्ष 2012 में कराची के कलाकोट इलाके में हुई उस घटना से जुड़े हैं, जिसमें उजैर बलोच और उसके साथियों पर पुलिस और कानून-व्यवस्था बलों पर हथियारों और विस्फोटकों से हमला करने का आरोप है। इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उजैर बलोच को जासूसी का दोषी ठहराते हुए 12 साल की कैद की सजा सुनाई थी।
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