अभिनेता सनी देओल की लंबे समय से इंतजार फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का ट्रेलर मंगलवार रिलीज हो गया। जैसा कि यह अपने टाइटल से ही साफ कर देती है फिल्म भारत-पाकिस्तान के बंटवारे को लेकर है। करीब 2 मिनट 59 सेकंड का यह ट्रेलर विभाजन के उस दौर की कहानी सामने लाता है, जब आजादी की खुशी के साथ हिंसा, डर और पलायन ने लाखों लोगों की जिंदगी बदल दी थी। ट्रेलर की कहानी इसी त्रासदी के बीच इंसानियत और रिश्तों को बचाए रखने की कोशिश पर केंद्रित नजर आती है।
ट्रेलर की शुरुआत देश की आजादी की खबर से होती है। सिकंदर मिर्जा के रूप में सनी देओल और उनकी पत्नी (हमीदा मिर्जा) बनीं प्रीति जिंटा एक दूसरे को आजादी की मुबारकबाद देते हैं। लेकिन जल्द ही आजादी का जश्न हिंसा और बंटवारे के दर्द में बदल जाता है। सिकंदर मिर्जा का परिवार भी इस उथल-पुथल की चपेट में आता है। उसे भी लखनऊ में अपने घर विस्थापित होना पड़ता है। पत्नी हमीदा और बेटे जावेद मिर्जा (करण देओल) के साथ पाकिस्तान चला जाता है।
सिंकदर मिर्जा को जो घर मिलता है, वहां पहले से ही एक बुजुर्ग हिंदू महिला (माई) रह रही होती है जिसका परिवार उसे छोड़ भारत में रहने चला गया होता है। वह अपना घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। वह अपने कमरे में बने छोटे से मंदिर में पूजा भी करती है, जिसे लेकर आसपास के लोगों में नाराजगी बढ़ने लगती है। सिकंदर का परिवार माई को लेकर मुस्लिम समाज से कैसे निपटता है, कैसे उस बुजुर्ग महिला से अपना सामंजस्य स्थापित करता है, और कौन सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, ट्रेलर में इसकी एक झलक मिलती है।
फिल्म में से करीब 3 मिनट के काटे गए इस ट्रेलर में कई ऐसे दृश्य सामने आते हैं जो भावुक कर देते हैं। सनी देओल का परफॉर्मेंस देखते हुए आपको गदर की याद आएगी। वह पूरे उसी लौ में नजर आते हैं। माई को हटाने की कट्टरपंथी पहलवान याकूब (अभिमन्यु सिंह) जब अपनी पूरी कोशिश में जुट जाता है तो सनी देओल का किरदार उसके साथ मजबूती से खड़ा हो जाता है। जब उससे सवाल किया जाता है कि वह एक हिंदू महिला को बचाने के लिए इतना आगे क्यों आ रहा है, तो सनी देओल पुलिस स्टेशन में खड़े होकर तारा सिंह वाले अंदाज में कहता हैं- ‘हिंदू औरत? वह मां है मां! मां को हिंदू-मुस्लिम में मत बांटिए। मां अपने आप में एक मजहब है। हर इंसान का पहला मजहब मां है। हर इंसान के मुंह से निकला पहला लफ्ज मां है।’
ट्रेलर का यह संवाद फिल्म की मूल भावना को सामने रखता है। विभाजन की राजनीति और धार्मिक पहचान के बीच फिल्म इंसानियत को सबसे ऊपर रखने की बात करती है। ट्रेलर में माई के रूप में शबाना आजमी ने भी अपने पंजाबी टोन और भूमिका से काफी प्रभावित करती हैं। अभिमन्यु सिंह भी याकूब के किरदार को पूरी ईमानदारी दी है।
‘बंटवारा’ सिर्फ दो देशों का नहीं, दिलों का भी था
फिल्म की कहानी विभाजन के दौरान उजड़े परिवारों और उन लोगों की भावनाओं को सामने लाती है, जिनकी जिंदगी एक रात में बदल गई। हालांकि, ट्रेलर का फोकस सिर्फ हिंसा और विस्थापन पर नहीं है। इसके केंद्र में यह सवाल भी है कि जब धर्म और सरहदों के नाम पर इंसान एक-दूसरे से दूर हो रहे हों, तब इंसानियत किस तरह रिश्तों को जोड़ सकती है।
गौरतलब है कि यह फिल्म लेखक और नाटककार असगर वजाहत की प्रसिद्ध रचाना ‘जिस लाहौर नई देख्या ओ जम्याइ नइ’ पर आधारित है। लगभग साढ़े तीन दशक पहले लिखे गए इस नाटक ने भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप तक दर्शकों को झकझोरा। लेकिन विडंबना यह रही कि जिस पाकिस्तान की पृष्ठभूमि पर यह कहानी आधारित थी, वहीं इसे कई बार विरोध, सेंसरशिप और मंचन-प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था।
ट्रेलर लॉन्च के दौरान असगर वजाहत ने फिल्म की मूल भावना को इंसानियत से जोड़ा। उन्होंने कहा, ‘शायद ही दुनिया का कोई ऐसा शहर होगा जहां यह नाटक ना हुआ हो। लोगों ने नहीं देखा कि इंसानों को इंसानों से जोड़ने की कोशिश, विचारों को इमोशनंस से जोड़ने की कोशिश क्या होती है। दरअसल पूरी दुनिया में इसको देखकर लोग रोए हैं। इसको देखकर खुश हुए हैं। इसे देखकर उनको गुस्सा आया है। इसे देखकर उनके फीलिंग्स सामने आए हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि जो भी यह फिल्म देखेगा, उन्हें भी कुछ ऐसा ही लगेगा। यह बंटवारा लोगों के दिलों को जोड़ने वाला है। इंसानियत सबसे बड़ी चीज होती है। इससे बड़ी कुछ नहीं होता।’
सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी फिर साथ
‘बंटवारा 1947’ के साथ सनी देओल और निर्देशक राजकुमार संतोषी की जोड़ी करीब तीन दशक बाद फिर साथ आई है। दोनों इससे पहले ‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। ऐसे में इस जोड़ी की वापसी को लेकर भी दर्शकों में खास उत्सुकता है। फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, करण देओल, अली फजल और अभिमन्यु सिंह नजर आएंगे। प्रीति जिंटा इस फिल्म के साथ लंबे अंतराल के बाद अभिनय में वापसी कर रही हैं।
फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी एआर रहमान ने संभाली है, जबकि गीत जावेद अख्तर ने लिखे हैं। फिल्म को सेंसर बोर्ड से बिना किसी कट के ‘A’ सर्टिफिकेट मिला है। सनी देओल ने भी सोशल मीडिया पर इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह फिल्म इंसानियत और प्यार की कहानी है। ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

