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जंतर-मंतर पर भारी विरोध प्रदर्शन के बीच NTA की कड़ी कार्रवाई, 47 कर्मचारियों को हटाया

NTA का यह कदम एजेंसी के कामकाज में सुधार लाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। भारी विरोध प्रदर्शन के बीच आने वाले दिनों में और भी सुधारात्मक उपाय किए जाने की उम्मीद है।

नई दिल्ली: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच कड़ा कदम उठाया है। एजेंसी ने 47 अधिकारियों की सेवाएं खत्म कर दी हैं। इसे परीक्षा आयोजित करने वाली इस संस्था में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो पेपर लीक विवादों के कारण जांच के घेरे में रही है। एनटीए का यह कदम ऐसे समय में आया है जब जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह कदम एजेंसी के कामकाज में सुधार लाने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। भारी विरोध प्रदर्शन के बीच आने वाले दिनों में और भी सुधारात्मक उपाय किए जाने की उम्मीद है।

NTA ने उठाया सख्त कदम, 47 कर्मचारियों को हटाया

समाचार एजेंसी आईएएएनएस ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के आमूलचूल पुनर्गठन की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत अगले एक महीने के भीतर एजेंसी की संरचना में बड़े बदलाव किए जाएंगे।

एनटीए के कामकाज और परीक्षा संचालन प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे। खास तौर पर एजेंसी द्वारा अपनाई जाने वाली आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बदला जाएगा। यह बदलाव विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य ऐसी लीक प्रूफ व्यवस्था तैयार करना है जिससे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी तथा विश्वसनीय बने।

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एनटीए विभिन्न परीक्षाओं का करती है आयोजन

एनटीए देश की कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परीक्षाओं का आयोजन करती है। इनमें नीट, जेईई, सीयूईटी सहित लगभग 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं शामिल हैं। हाल ही में हुए नीट पेपर को सफलतापूर्व कराने की जिम्मेदारी भी एनटीए के पास ही थी।

विभिन्न परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बीच सरकार का यह कदम परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

गुरुवार (23 जुलाई) देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो जारी कर देश को भरोसा दिलाया था कि पेपर लीक के खिलाफ सरकार कठोर कानून लेकर आने वाली है। इसका मसौदा तैयार किया जा चुका है। कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है। जल्द से इसे सदन में पेश किए जाने की भी संभावना है।

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(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
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