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BSNL ने 1.34 लाख रुपये का सैटेलाइट फोन लांच किया, नेटवर्क न होने पर भी हो सकेगी कॉल; क्या हैं अन्य फीचर्स?

BSNL सैटेलाइट फोन को ऐसी जगहों के लिए एक कम्युनिकेशन सॉल्यूशन के तौर पर पेश कर रहा है जहां आम मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते। हालांकि, यह कोई ऐसा गैजेट नहीं है जिसे कोई भी आसानी से खरीद और इस्तेमाल कर सके।

नई दिल्लीः भारत सरकार की दूरसंचार कंपनी BSNL ने भारत में एक नया सैटेलाइट फोन लॉन्च किया है। यह सैटेलाइट फोन ऐसी जगहों पर भी काम करेगा जहां मोबाइल टावर नहीं हैं। बीएसएनएल ने इसकी कीमत ₹1,34,166 (टैक्स सहित) रखी है। यह आईफोन 17 प्रो की कीमत से ज्यादा है। कंपनी ने यह फोन गुरुवार (9 जुलाई) को लांच किया।

गौरतलब है कि आम स्मार्टफोन के उलट यह डिवाइस पारंपरिक सेलुलर नेटवर्क के बजाय सैटेलाइट का इस्तेमाल करके काम करता है। इसलिए यह दूर-दराज और ऐसी जगहों के लिए बहुत काम का है जहां आम मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं मिलती।

BSNL सैटेलाइट फोन को ऐसी जगहों के लिए एक कम्युनिकेशन सॉल्यूशन के तौर पर पेश कर रहा है जहां आम मोबाइल नेटवर्क नहीं पहुंच पाते। हालांकि, यह कोई ऐसा गैजेट नहीं है जिसे कोई भी आसानी से खरीद और इस्तेमाल कर सके। भारत में सैटेलाइट फोन पर कड़े नियम लागू हैं और फोन खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले यूजर्स को डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) से साफ तौर पर मंजूरी लेनी होगी।

BSNL सैटेलाइट फोन कैसे काम करता है?

दरअसल सैटेलाइट फोन आस-पास के मोबाइल टावर पर निर्भर रहने वाले पारंपरिक फो के उलट सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट होता है। इससे यूजर्स सेल्युलर कवरेज न होने वाली जगहों पर भी वॉइस कॉल कर सकते हैं। यह इमरजेंसी के समय या ऐसी जगहों पर बहुत काम आएगा जहां पारंपरिक टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं है।

दूरसंचार कंपनी का कहना है कि यह हैंडसेट इनमारसैट (Inmarsat) जैसी ग्लोबल सैटेलाइट नेटवर्क प्रोवाइडर कंपनियों के साथ मिलकर बनाया गया है, जिससे दूर-दराज के इलाकों में भी सैटेलाइट-आधारित कम्युनिकेशन मुमकिन हो पाता है।

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बीएसएनएल के सैटेलाइट फोन के क्या फीचर्स हैं?

बीएसएनएल के सैटेलाइट फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें मोबाइल नेटवर्क कवरेज से बाहर के इलाकों के लिए सैटेलाइट कनेक्टिविटी की सुविधा है जिससे इमरजेंसी के दौरान नेटवर्क न होने पर भी कॉलिंग की जा सकेगी।

वहीं दूर-दराज के इलाकों से वॉइस कॉलिंग भी आसानी से की जा सकेगी। इसके अलावा मुश्किल हालात में SOS इमरजेंसी सपोर्ट का भी विकल्प है। इस फोन में लंबे समय तक चलने वाली बैटरी भी है जिससे चार्जिंग की सुविधा न होने पर भी यह लंबे समय तक टिकेगी। मुश्किल माहौल के हिसाब से मजबूत और टिकाऊ डिजाइन में बनाया गया है।

कौन खरीद सकेगा यह फोन?

BSNL का कहना है कि उसने आम स्मार्टफोन यूजर्स के बजाय उन लोगों और संगठनों के लिए अपना सैटेलाइट फोन बनाया है जिन्हें ऐसी जगहों पर भरोसेमंद कम्युनिकेशन की जरूरत होती है जहां आम मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं हैं। इनमें डिफेंस, समुद्री ऑपरेशन, आपदा राहत, माइनिंग, दूर-दराज के इलाकों में इंडस्ट्रियल ऑपरेशन, सुनसान इलाकों से गुजरने वाले तीर्थयात्री और एडवेंचर ट्रैवल से जुड़े लोग शामिल हैं। इसके अलावा दूरदराज इलाकों में रिसर्च करने वालों लोग भी इस फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बीएसएनएल ने इस बाबत एक्स पर एक पोस्ट भी की। इसमें सैटेलाइट फोन से संबंधित जानकारी और इसकी कीमत के बारे में बताया गया।

इस फोन की कीमत की बात करें तो कंपनी ने इसका मूल्य 1,34,166 रुपये रखा है। कंपनी का कहना है कि इस डिवाइस को खरीदने या इस्तेमाल करने से पहले लोगों या संस्थाओं को टेलीकम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से मंजूरी लेनी होगी। बिना जरूरी मंजूरी के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना भारतीय नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है।

सैटेलाइट फोन के लिए बीएसएनएल ने क्या प्लान रखे हैं?

बीएसएनएल इस फोन के लिए प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान ऑफर कर रहा है। पोस्टपेड प्लान में BSNL तीन प्लान ऑफर कर रहा है। इनकी कीमत ₹3,500 से ₹11,670 प्रति महीना है।

वहीं, प्रीपेड के लिए BSNL ने इसे और कैटेगरी में बांटा है: सरकारी यूजर और कमर्शियल यूजर। सरकारी यूजर्स के लिए बेसिक मंथली प्लान की कीमत ₹3,500 प्रति महीना है, जबकि दूसरे प्लान की कीमत साल भर के लिए ₹38,500 है।

कमर्शियल यूजर्स के लिए बेसिक प्रीपेड प्लान की कीमत ₹5,835 प्रति महीना है और सालाना पैकेज ₹64,185 का है। एक बार फ्री मिनट या SMS की लिमिट खत्म हो जाने पर यूजर्स को हर अतिरिक्त कॉल मिनट या SMS के लिए पैसे देने होंगे।

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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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