अयोध्याः राम मंदिर दान प्रकरण में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रविवार सुबह अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समेत कई आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने परिजनों और आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
रविवार सुबह पुलिस की एक टीम लेखपाल के साथ टिन्नू यादव के घर पहुंची। पुलिस ने पहले परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उसके बाद घर के भीतर जाकर जांच की। इसी तरह अलग-अलग टीमों ने आरोपी रामशंकर मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला और मनीष यादव के घरों पर भी तलाशी अभियान चलाया।
मामले पर सीओ आशुतोष तिवारी ने कहा कि जांच लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि इस प्रकरण में जिन लोगों की भूमिका सामने आ रही है, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
पड़ोसियों ने क्या बताया?
पुलिस की कार्रवाई के बीच आरोपियों के पड़ोसियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। टिन्नू यादव की पड़ोसी तारा देवी ने दावा किया कि टिन्नू यादव अच्छे व्यक्ति हैं और उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। उनके मुताबिक, उन पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।
वहीं, आरोपी अनुकल्प मिश्रा के पड़ोसी कृष्णानंद तिवारी ने पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उनका कहना था कि यदि मंदिर में चढ़ाए गए दान में गबन हुआ है तो यह केवल भगवान के साथ ही नहीं, बल्कि देशभर के राम भक्तों के विश्वास के साथ भी बड़ा छल है।
हालांकि, कृष्णानंद तिवारी ने यह भी कहा कि वह अनुकल्प मिश्रा को पिछले पांच-छह महीनों से जानते हैं और इस दौरान उनका व्यवहार सामान्य ही लगा। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के बाहरी व्यवहार से उसके बारे में सब कुछ नहीं जाना जा सकता।
इसी तरह एक अन्य पड़ोसी अनुराग मिश्रा ने बताया कि वह अनुकल्प मिश्रा को करीब एक वर्ष से जानते हैं और उन्हें कभी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

