मुंबई: देश में नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और परीक्षाओं को साफ-सुथरे तरीके से आयोजित कराने को लेकर बहस अभी थमी भी नहीं है कि अब महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। परीक्षा से महज एक दिन पहले महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने TET-2026 परीक्षा को स्थगित कर दिया। परिषद ने यह फैसला तब लिया, जब भिवंडी में पुलिस की छापेमारी के दौरान कथित तौर पर ऐसे प्रश्न बरामद हुए, जो महाराष्ट्र TET परीक्षा में दिए जाने वाले प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते हैं।
महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद की ओर से जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, 27 जून की सुबह परिषद को गोपनीय सूचना मिली थी कि भिवंडी में कुछ लोगों के पास परीक्षा से जुड़ी गोपनीय सामग्री मौजूद है। सूचना मिलते ही भिवंडी पुलिस ने संबंधित स्थान पर छापा मारा। जांच के दौरान पुलिस को ऐसे प्रश्नपत्र मिले, जिसमें TET परीक्षा में पूछे जाने वाले कई प्रश्न थे।
परिषद ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इस मामले में पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है। बहरहाल, आखिरी समय में परीक्षा स्थगित करने के फैसले के बाद छह लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को झटका लगा है। इनमें हज़ारों सेवारत शिक्षक भी शामिल हैं।
‘मास्टरमाइंड पर MCOCA लगाएंगे’
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे और पेपर लीक के मास्टरमाइंड सहित अन्य आरोपियों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लगाने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। चाहे वह किसी भी पद पर हो या किसी संगठित गिरोह से जुड़ा हो, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कानून के तहत सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
परीक्षा स्थगित होने के बाद विपक्ष ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है और आरोप लगाया कि राज्य सरकार परीक्षा पेपर लीक रोकने में पूरी तरह विफल रही है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पेपर लीक अब राज्य सरकार की ‘पहचान’ बन गया है।
उन्होंने कहा, ‘खबरें हैं कि कल होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा का पेपर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गढ़ ठाणे में लीक हुआ। आखिर लाखों छात्रों की मेहनत, सपनों और भविष्य को बर्बाद करने वाले इस रैकेट को राजनीतिक संरक्षण कौन दे रहा है?’
सपकाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने इस घटना की तुलना NEET-UG पेपर लीक विवाद से की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2026 में जब NEET का पेपर लीक हुआ था, तब देशभर में आक्रोश फैला था। केंद्र सरकार ने केवल दिखावे के लिए सीबीआई जांच कराई, जो 15-20 दिन बाद ठंडी पड़ गई। अब TET मामले में भी वही स्थिति देखने को मिल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि इस तरह की घटनाएं लगातार होती रहीं तो सरकार को इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी और दोषियों के खिलाफ उनके पद की परवाह किए बिना कार्रवाई करनी होगी।
उद्धव गुट ने कहा- सरकार ने कोई सबक नहीं लिया
शिवसेना (यूबीटी) के नेता अंबादास दानवे ने कहा कि महाराष्ट्र पहले भी NEET पेपर लीक का केंद्र रहा है, लेकिन सरकार ने उससे कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने कहा, ‘TET भले ही छोटी परीक्षा हो, लेकिन इसमें भी सरकार विफल रही। यह पेपर लीक राज्य सरकार के लिए शर्मनाक है।’
विपक्ष के आरोपों पर महाराष्ट्र सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर लीक के पीछे कौन लोग और कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था।
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