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डीके शिवकुमार की कम नहीं हो रही मुश्किलें, एक और मंत्री अपने विभाग को लेकर नाराज, पहुंचे दिल्ली

विभागों के आवंटन के चार दिन बाद भी कृष्णा बायरे गौड़ा ने बेंगलुरु विकास विभाग का कार्यभार नहीं संभाला है। वे सोमवार रात दिल्ली पहुंचे।

बेंगलुरु: कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनी नई कांग्रेस सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष थमता नजर नहीं आ रहा है। पिछले सप्ताह मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे के संकट को टाल दिया था। रामलिंगा रेड्डी ने बेंगलुरु विकास विभाग नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दे दिया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। हालांकि अब एक नया विवाद सामने आ गया है।

मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा नाराज बताए जा रहे हैं। जबकि उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग मिला है, लेकिन उन्होंने अभी तक कार्यभार नहीं संभाला है। उन्होंने इस मामले में कांग्रेस नेतृत्व से शिकायत की है। बताया जा रहा है कि कृष्णा बायरे गौड़ा सोमवार देर रात विधायक रिजवान अरशद के साथ नई दिल्ली रवाना हुए। मंगलवार को उनकी राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात हो सकती है।

सूत्रों का कहना है कि कृष्णा बायरे गौड़ा ने पार्टी नेतृत्व को स्पष्ट कर दिया है कि वह ‘अधूरा विभाग’ नहीं चाहते। उनकी मांग है कि बेंगलुरु विकास विभाग को उसी स्वरूप में बहाल किया जाए, जैसा पहले था। यदि ऐसा संभव नहीं होता है तो वह राजस्व विभाग दिए जाने की मांग कर सकते हैं।

चार दिन बाद भी नहीं संभाला कार्यभार

विभागों के आवंटन के चार दिन बाद भी कृष्णा बायरे गौड़ा ने बेंगलुरु विकास विभाग का कार्यभार नहीं संभाला है। उनकी नाराजगी की वजह विभाग से बेंगलुरु डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA) और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (BMRDA) को बाहर रखा जाना है।

उन्होंने सवाल उठाया है कि केवल शहर की पांच नगर निगमों की जिम्मेदारी देकर उनसे बेंगलुरु के विकास से जुड़े मामलों को संभालने की अपेक्षा कैसे की जा सकती है। उन्होंने इस संबंध में अपनी आपत्ति पार्टी नेतृत्व के सामने भी रखी है। दिल्ली रवाना होने से पहले कृष्णा बायरे गौड़ा ने विधान सभा में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से भी मुलाकात की और बताया कि उन्होंने अब तक विभाग का कार्यभार क्यों नहीं संभाला है।

बैठक के दौरान उन्होंने मांग की कि बीडीए, बीएमआरडीए और बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) को भी बेंगलुरु विकास विभाग के तहत लाया जाए। साथ ही उन्होंने विभाग की संरचना को लेकर स्पष्टता मांगी। बताया जाता है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा है कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वह कार्यभार ग्रहण नहीं करेंगे।

बेंगलुरु विकास विभाग के लिए नाराज हुए थे रेड्डी भी

कुछ दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलिंगा रेड्डी ने भी नाराजगी जताई थी। उन्हें बेंगलुरु विकास विभाग की जगह प्रमुख और मध्यम सिंचाई विभाग दिया गया था, जबकि बेंगलुरु विकास विभाग कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंपा गया।

बेंगलुरु विकास विभाग शहर की प्रमुख शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होता है। इसके दायरे में सड़कें, फ्लाईओवर, सुरंगें, झीलें, स्टॉर्म वॉटर ड्रेन, भूमि विकास और शहरी विस्तार जैसी परियोजनाएं आती हैं।

इस विभाग का प्रभारी मंत्री बीडीए और अन्य शहरी निकायों के साथ मिलकर बेंगलुरु के विकास संबंधी योजनाओं को आगे बढ़ाता है। तेजी से बढ़ते शहर और भूमि उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों के कारण यह विभाग राज्य सरकार के सबसे प्रभावशाली विभागों में से एक माना जाता है।

यह भी पढ़ें- तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता गिरफ्तार, उगाही और भ्रष्टाचार के आरोप

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विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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