नई दिल्ली: ‘अनुपमा’ फेम रूपाली गांगुली ने मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी सोशल मीडिया पर खरी-खोटी सुनाई है। ध्रुव राठी ने अपने एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बेहत तीखी टिप्पणी की थी, जिसपर रूपाली गांगुली ने पलटवार करते हुए उन्हें देश की जमीनी हकीकत से दूर बताया है।
दरअसल, यूट्यूबर ध्रुव राठी ने अपने एक्स पर एक पोस्ट साझा की थी और कहा था कि पीएम मोदी जहां भी जाएं, उनसे सवाल जरूर पूछें। ध्रुव राठी ने लिखा था, “मोदी जहां भी जाएं, वे अपमानित होने के हकदार हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 12 सालों में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है। वे एक नेता के तौर पर पारदर्शिता और जवाबदेही की बुनियादी शर्तों को पूरा करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं।”
राठी ने आगे विदेशी मीडिया का जिक्र करते हुए लिखा, “मैं अन्य यूरोपीय देशों के पत्रकारों से भी यह अपील करूंगा कि वे जब भी प्रधानमंत्री को देखें, उनसे तीखे सवाल पूछें, बिल्कुल वैसे ही जैसे हेला लेंग ने पूछे थे। उन्हें इतना असहज कर दें कि वे जनता के प्रति जवाबदेह होने पर मजबूर हो जाएं। ऐसा करके आप भारत की तरक्की में एक बड़ा योगदान देंगे।”
अभिनेत्री रूपाली गांगुली का करारा पलटवार
ध्रुव राठी के इस पोस्ट के इस पोस्ट पर रूपाली गांगुली ने अपनी आपत्ति जाहिर की। पोस्ट को री-ट्वीट करते हुए अभिनेत्री ने उन पर तीखा हमला बोला। रूपाली ने लिखा, “हमारे देश के प्रधानमंत्री के लिए ‘अपमान’ जैसे शब्द को सुनना बेहद हास्यास्पद है। वे एक ऐसे नेता हैं जिन्हें दुनिया भर के देश लगातार अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाज रहे हैं। हमारे पीएम आज वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा सम्मानित नेताओं में से एक हैं और वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोकतांत्रिक रूप से चुने हुए प्रधानमंत्री हैं।”
रूपाली ने पीएम मोदी के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए आगे लिखा, “वे पिछले 25 वर्षों से लगातार लोकतांत्रिक चुनाव जीतते आ रहे हैं- पहले मुख्यमंत्री के तौर पर और अब देश के प्रधानमंत्री के रूप में। करोड़ों भारतीय उनसे कितना प्यार करते हैं, उनका सम्मान करते हैं और उन पर भरोसा करते हैं, इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।”
विदेश में रह रहे ध्रुव राठी पर तंज कसते हुए रूपाली ने लिखा, “रही बात भारत की तरक्की की, तो उसे हम भारतीयों पर ही छोड़ दें। 140 करोड़ से ज्यादा भारतीय यह तय करने में पूरी तरह सक्षम हैं कि हमारे देश के लिए क्या अच्छा है। हमें विदेश में बैठकर देश की जमीनी हकीकत से कटे किसी ऐसे यूट्यूबर से लेक्चर लेने की जरूरत नहीं है, जो खुद को हमारा प्रवक्ता बताने का ढोंग करता है। मजेदार बात यह है कि उनका पूरा ऑनलाइन करियर उसी देश का मजाक उड़ाने, उसकी आलोचना करने और डर फैलाने पर टिका है, जिसने उन्हें पहचान दी है।”

