नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को गद्दार बताकर नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने रायबरेली में बुधवार को लोगों से कहा कि ‘जब आरएसएस के कार्यकर्ता आपके सामने आएंगे तो उनसे खुलकर कहिएगा कि आपका प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संगठन गद्दार है। आपने हिंदुस्तान को बेचने का काम किया है।’
राहुल के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस सांसद पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनकी भाषा पाकिस्तान और उसके समर्थित आतंकवादियों की भाषा से मिलती-जुलती है।
राहुल के किन बयानों पर हंगामा?
उत्तर प्रदेश के रायबरेली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा, ”जब आप घर लौटेंगे, और जब ये आरएसएस कार्यकर्ता आपके पास आएंगे, तो वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करेंगे। आप उनकी आंखों में आंखें डालकर कहें, ‘आपका प्रधानमंत्री देशद्रोही है, आपका गृह मंत्री देशद्रोही है, आपका संगठन देशद्रोही है। आपने भारत को बेचने का काम किया है। आपने हमारे संगठन, हमारे संविधान, बी.आर. अंबेडकर और महात्मा गांधी पर हमला किया है।’ उन्हें यह बताएं।”
इस बयान के कुछ देर बाद एक्स पर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की उस वायरल वीडियो को लेकर भी आलोचना की, जिसमें वह इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मेलोडी टॉफी का एक पैकेट देते हुए दिखाई दे रहे हैं। ‘मेलोडी’ शब्द दरअसल पीएम मोदी और इटली की प्रधानमंत्री के नाम को मिलाकर दोनों नेताओं की दोस्ती को दर्शाने के लिए इंटरनेट पर इस्तेमाल होता रहा है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘आर्थिक तूफान सिर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफी बाँट रहे हैं! किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं – PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं। यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।’
राहुल के आरोपों पर भाजपा का पलटवार
राहुल गांधी के बयानों के बाद उन पर हमला बोलते हुए भाजपा नेताओं ने कहा कि उन्होंने साबित कर दिया है कि वे इंडियन स्टेट से लड़ना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ‘राहुल गांधी की भाषा शत्रु देश जैसी हो गई है। राहुल गांधी जिस तरह से बोलते हैं, वैसा कोई शत्रु देश ही बोलता है। दुनिया भारत की अर्थव्यवस्था को पहले से जानती है। उसे राहुल गांधी से किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। आज राहुल गांधी देश में अशांति फैलाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि इस देश की जनता और युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के साथ खड़े हैं।’
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गांधी के बयानों को लोकतंत्र का अपमान बताया। भंडारी ने आरोप लगाया, ‘राहुल गांधी सभी 140 करोड़ भारतीयों को गद्दार कह रहे हैं। उनकी भाषा पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों की भाषा से मिलती-जुलती है, क्योंकि ऐसे बयान केवल वही दे सकते हैं। राहुल गांधी ने साबित कर दिया है कि उनका इरादा किसी राजनीतिक विरोधी का नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से लड़ने वाले व्यक्ति का है।’
वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने भारत के संविधान को ध्वस्त करने का बीड़ा उठाया है। उन्होंने कहा, ‘जिनकी बात राहुल गांधी आज कर रहे हैं, वे वास्तव में इंदिरा गांधी ने आपातकाल लागू करते समय किए थे। अगर किसी ने भारत की जनता को बचाया, तो वे बाबासाहेब अंबेडकर थे। फिर भी, कांग्रेस पार्टी ने ही बाबासाहेब अंबेडकर को अपमानित किया।’
ठाकुर ने आगे कहा, ‘इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना उनका सामान्य तरीका है। चाहे 1965 का युद्ध हो या आपातकाल, आरएसएस हमेशा आगे बढ़कर नेतृत्व करता रहा है। चाहे ईवीएम हो या चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री मोदी को गाली देना और आरएसएस पर अपमानजनक टिप्पणियां करना अब उनकी आदत बन गई है।’

