रोमः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (19 मई) को रोम पहुंचने के तुरंत बाद इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से रात्रिभोज पर मुलाकात की। पीएम मोदी की पांच देशों की यात्रा का यह आखिरी चरण है। इस दौरान पीएम मोदी ने मेलोनी के साथ इटली के ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। इटली के रोम शहर में स्थित एक विशाल अंडाकार एम्फीथिएटर है, जो सात अजूबों में से एक है।
इसको लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें पेश कीं। उन्होंने लिखा “रोम पहुँचने पर, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी से रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद मैंने प्रतिष्ठित कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज की हमारी बातचीत के लिए उत्सुक हूँ, जिसमें हम भारत-इटली मित्रता को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा जारी रखेंगे।”
जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी का किया जोरदार स्वागत
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने मंगलवार रात (स्थानीय समय) रोम पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। गौरतलब है कि पांच देशों की यात्रा में पीएम मोदी आखिरी चरण में इटली पहुंचे हैं।
मेलोनी ने भारतीय प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत रूप से स्वागत करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!”, जिससे दोनों नेताओं के बीच अच्छी दोस्ती साफ दिखाई देती है।
पीएम मोदी इटली की इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान उन्होंने अपने आगमन की जानकारी भी साझा की और बताया कि यह यात्रा भारत और इटली के रिश्तों को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। वह बुधवार (20 मई) को रोम के ऐतिहासिक विला डोरिया पैंफिली में जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। यहां दोनों नेता एक संयुक्त घोषणा कर सकते हैं जिससे भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी।
क्यों खास है कोलोसियम?
इटली की ऐतिहासिक कोलोसियम इमारत का इतिहास लगभग दो हजार वर्ष पुराना है। इसे रंगमंच भी कहा जाता है। यह रोमन वास्तुकला को दर्शाता है। इसके साथ ही यह कई ऐतिहासिक लड़ाइयों का गवाह भी रहा है।
इस एम्फीथिएटर में 80 से ज्यादा द्वार हैं। इसे फ्लेवियन राजवंश के समय 80 ईस्वी में पूरा किया गया था। यह मशहूर अंडाकार इमारत पत्थर और कंक्रीट से बनी है। इसमें करीब 80,000 लोग बैठ सकते थे जो यहां ग्लैडिएटरों की लड़ाइयां और तरह-तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम देखने आते थे।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “ भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आधिकारिक यात्रा पर इटली पहुंचे हैं। एयरपोर्ट पर इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ”
उन्होंने आगे कहा, “भारत और इटली के बीच लंबे समय से बहुआयामी साझेदारी रही है। यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाली है।”
मंत्रालय के मुताबिक यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश 2025-2029 की संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना को लागू करने में लगे हैं। इस योजना में व्यापार, निवेश, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान और तकनीक और लोगों के बीच संबंध जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 16.77 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। अप्रैल 2000 से सितंबर 2025 तक भारत में इटली का कुल विदेशी निवेश (एफडीआई) 3.66 अरब डॉलर रहा है। इसके अलावा रक्षा, सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट्स के साथ)

