पटना: बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा शिक्षक भर्ती के चौथे चरण (TRE-4) के विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध मार्च निकाला था। इस दौरान सरकार और बीपीएससी के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट विस्तार के 24 घंटे ही हुए हैं।
बहरहाल, प्रदर्शन के दौरान राजधानी के जेपी गोलंबर के पास बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचे थे। पुलिस ने इन्हें हटाने के लिए बल का प्रयोग किया। पुलिस लाठीचार्ज में कई लोगों के चोटिल होने की खबरें हैं। इस प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कुमार कर रहे थे।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास जाना जा रहे थे। पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों में झड़प की स्थिति बनी। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया। इससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे और कई एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
क्या है छात्रों की मांग?
यह पूरा मामला TRE 4 का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर है। शिक्षक अभ्यर्थी लंबे समय से भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की मांग कर रहे हैं और लगातार इसमें हो रही देरी को लेकर नाराज हैं। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार लगातार भर्ती प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।
इनकी मांग है कि सरकार रिक्तियों की सही संख्या बताए और विज्ञापन जारी करने की डेडलाइन भी रखे। बताया जा रहा है कि पटना कॉलेज से शुरू हुआ छात्रों का हुजूम डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ रहा था और फिर इसे आगे ले जाना था।

छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि बीपीएससी लगातार झूठ बोल रहा है। 13 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा रहा है। बार-बार विज्ञापन जारी करने के लिए नई तिथि बताई जा रही है। दरअसल, टीआरई-4 में कुल चार विभागों में 45 हजार से अधिक पदों पर नियुक्ति की जानी है।
दिलीप कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों से शिक्षक अभ्यर्थियों को लगातार गुमराह किया जा रहा है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने बताया कि बीपीएससी ने पहले कहा था कि 19-20 अप्रैल को विज्ञापन जारी होगा और 26 अप्रैल 2026 से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले भी कहा गया था कि विभाग से रिक्विजिशन मिल चुका है, लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। इसी वजह से अभ्यर्थियों को फिर सड़क पर उतरना पड़ा।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार पटना कॉलेज परिसर से शुरू हुआ यह प्रदर्शन धीरे-धीरे बड़े आंदोलन में बदल गया। करीब 10 हजार अभ्यर्थी डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और कई इलाकों में लंबा जाम लग गया।
बहरहाल, इस दौरान आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। ट्रैफिक व्यवस्था दिन में पूरी तरह से अस्त-व्यस्त नजर आई। खासकर स्कूली बसों और एंबुलेंस को निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर दिलीप कुमार ने चेतावनी दी है कि अगर विज्ञापन की घोषणा नहीं होत है तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन घेराव में बदल दिया जाएगा।
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