कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव-2026 की कुछ दिलचस्प जीतों में से एक कहानी कलिता माझी की भी सामने आई है। दूसरे के घरों में झाड़ू पोछा और बर्तन आदि साफ करके अपना जीवन चलाने वाली माझी महीने में बमुश्किल तीन से चार हजार रुपये कमा पाती हैं। भाजपा से टिकट पाकर चुनाव लड़ने वाली माझी अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में नजर आएंगी। वे बंगाल में औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुनी गई हैं।
बंगाल में इस बार भाजपा की लहर चली है और पार्टी राज्य में सरकार बनाने जा रही है। बहरहाल, भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली 37 साल की माझी ने इस चुनाव में 1,07,692 वोट हासिल किए और तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। मांझी ने 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था लेकिन वे हार गई थीं। इसके बाद भाजपा ने इस बार भी उन पर भरोसा जताया।
जीत के बाद माझी ने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर भरोसा बनाए रखा। आज मैं उन्हें यह जीत समर्पित करती हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मेरा ध्यान पिछड़े वर्गों के विकास पर रहेगा और यह सुनिश्चित करूंगी कि हर घर तक अच्छी सड़कें और पीने का पानी पहुंचे। मैं युवाओं के विकास और महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी काम करूंगी।’
10 सालों से राजनीति में सक्रिय हैं कलिता
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार कलिता दो घरों में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं और महीने का 4,000 रुपये कमाती हैं। वे गुस्करा नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 के मझपुकुर पार की रहने वाली हैं। वे अपने पति सुब्रता मझी, जो एक प्लंबर हैं, और अपने बेटे के साथ रहती है। बेटे ने इसी साल 12वीं की परीक्षा दी है।
करीब 10 सालों से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में रहीं कलिता के जीवन ने पांच साल पहले उस समय नया मोड़ लिया जब भाजपा ने उन्हें बोलपुर लोकसभा क्षेत्र में आने वाले और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट औसग्राम से 2021 के चुनाव में मैदान में उतारा। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
साल 2021 में टीएमसी उम्मीदवार अभेदानंद थंडेर ने औसग्राम सीट 1,00,392 वोटों से जीती थी। कलिता 88,577 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं।
माझी ने बताया कि भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची में अपना नाम आने के बाद उन्होंने चुनाव प्रचार के लिए एक महीने की छुट्टी ली। उन्होंने कहा, ‘जिन घरों में मैंने इतने सालों तक काम किया है, वहां के परिवार बहुत खुश हैं। उन्होंने मुझे आशीर्वाद दिया। जब भी मुझे उनकी जरूरत पड़ी, वे हमेशा मेरे साथ खड़े रहे; अब वे मेरे लिए बहुत खुश हैं।’
बताते चलें कि इस बार बंगाल में भाजपा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। पार्टी पहली बार राज्य में सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की जीत ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन को भी खत्म किया। यह नतीजे इस लिहाज से भी अहम हैं कि 1972 के बाद पहली बार है कि पश्चिम बंगाल में वही पार्टी शासन करने जा रही है जो केंद्र में सत्ता में है।
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