इस्लामाबाद: अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान-अमेरिका के बीच फिर से बढ़ रहे तनाव के बीच के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव रखा है। समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने इस्लामाबाद के दो अधिकारियों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान ने गुरुवार तक दूसरे दौर की बातचीत का प्रस्ताव दिया है। समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नए दौर की वार्ता के समय और स्थान को लेकर प्रारंभिक चर्चा चल रही है। इसमें इस्लामाबाद के अलावा जिनेवा भी प्रमुख विकल्प के रूप में उभर रहा है। ट्रंप ने भी इसका संकेत दिया है।
दरअसल, अमेरिका द्वारा नाकाबंदी शुरू किए जाने के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक है। ट्रंप ने बताया कि आज सुबह उनसे संबंधित लोगों ने फोन करके समझौते की मांग की थी। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही बाधित करके ‘आर्थिक आतंकवाद’ का आरोप लगाते हुए कहा कि अब गेंद तेहरान के पाले में है।
दूसरी ओर अमेरिकी नाकाबंदी के बाद ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में बंदरगाहों पर हमले की धमकी दी है। इससे पहले अमेरिका और ईरान के बीच रविवार को हुई युद्धविराम वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि 22 अप्रैल को मौजूदा दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने के बाद क्या होगा।
बातचीत की पहले के बीच ट्रंप की चेतावनी
दूसरे दौर की बातचीत को लेकर जारी चर्चा के बीच ट्रंप ने चेतावनी भी जारी की है। अमेरिकी नाकाबंदी के करीब आने वाले ईरानी जहाजों के खिलाफ चेतावनी देते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, ‘ईरान की नौसेना समुद्र की तलहटी में पड़ी है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है- 158 जहाज। हमने उनके उन कुछ जहाजों को निशाना नहीं बनाया है जिन्हें वे ‘तेज हमलावर जहाज’ कहते हैं, क्योंकि हमने उन्हें कोई बड़ा खतरा नहीं समझा।
ट्रंप ने आगे लिखा, ‘चेतावनी- यदि इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा, उसी तरीके से जैसे हम समुद्र में नावों पर सवार ड्रग डीलरों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। यह त्वरित और क्रूर कार्रवाई है। नोट- समुद्र या महासागरों के रास्ते अमेरिका में आने वाली 98.2% ड्रग्स रोक दी गई हैं! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’
वैसे, बैठक के दूसरे दौर को लेकर अभी विस्तृत जानकारी स्पष्ट रूप से सामने नहीं हैं, लेकिन कई स्थानों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक युद्धविराम में मध्यस्थता करने में इस्लामाबाद की भूमिका को देखते हुए इसे एक व्यावहारिक विकल्प माना जा रहा है। हालांकि एक तटस्थ विकल्प के रूप में जिनेवा पर भी चर्चा हो रही है।
एक्सियोस (Axios) की एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र के मध्यस्थ मतभेदों को कम करने और नए सिरे से बातचीत शुरू करने के लिए जमीन तैयार करने के प्रयास जारी रखे हुए हैं। प्रगति होने पर युद्धविराम को बढ़ाने की भी संभावना है, जिससे दोनों पक्षों को बातचीत के लिए अधिक समय मिलेगा।
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि ईरान प्रमुख मांगों पर बातचीत करने की तत्परता दिखाता है तो वे तुरंत आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। एक सूत्र ने एक्सियोस को बताया, ‘बातचीत का दरवाज़ा बंद नहीं हुआ है,’ जबकि एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि समझौते की दिशा में अभी भी प्रगति हो रही है।
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