नई दिल्ली: विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने गुरुवार (30 जुलाई) को राज्यसभा को बताया कि फरवरी से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में 16 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। मारे गए लोगों में 10 नाविक शामिल हैं। वहीं इस दौरान 75 अन्य भारतीय घायल हुए हैं।
इसी दौरान कतर में एक गैस फैसिलिटी में हुए हादसे में 12 और भारतीयों की मौत हो गई।
पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष में मारे गए 16 भारतीय
भारत सरकार ने संबंधित देशों की सरकारों के साथ मिलकर मारे गए भारतीय नागरिकों के परिवारों को उनके शव जल्द वापस लाने में मदद की है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (CPI-M) के सांसद जॉन ब्रिटास के एक सवाल के लिखित जवाब में सिंह ने कहा कि घायल भारतीयों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में हुआ और भारतीय दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों ने उनके इलाज के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय किया।
सिंह ने हताहतों की जानकारी देते हुए कहा कि ” 2026 में मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद से 10 नाविकों सहित 16 भारतीय नागरिकों की जान चली गई है (एक सऊदी अरब में; दो कुवैत में; आठ ओमान में; एक इराक में; और चार UAE में) और 75 भारतीय घायल हुए हैं (32 UAE में; 24 ओमान में; चार कतर में; 13 कुवैत में; एक सऊदी अरब में; और एक इजराइल में)।”
उन्होंने जून में एनर्जी कॉम्प्लेक्स में हुए धमाके और आग का जिक्र करते हुए कहा कि ” हमलों से अलग एक हादसे में कतर के रास लाफान गैस फैसिलिटी में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। “
सिंह ने कहा कि घायल भारतीय नागरिकों को दी गई मदद में उनके परिवार के सदस्यों से संपर्क करना, यात्रा के उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी देना और उनकी भारत सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना शामिल था।
मारे गए लोगों को दिया गया मुआवजा
युद्ध-क्षेत्र की घटनाओं में शामिल नाविकों के सभी मामलों में, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन की वेलफेयर स्कीम (सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी) के तहत ₹10 लाख का मुआवजा दिया गया।
सिंह ने कहा कि नाविकों की मौत से जुड़े मुआवजे का काम पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्रालय देखता है और पांच मामलों में यह राशि दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि “ पूरी जांच-पड़ताल और वेरिफिकेशन के बाद सरकार प्रभावित नाविकों के परिवार वालों को तेजी से मुआवजे की रकम देती है। जो नाविक अपनी यूनियनों के साथ हुए ‘कलेक्टिव बार्गेनिंग एग्रीमेंट’ (सामूहिक सौदेबाजी समझौते) के दायरे में आते हैं वे ‘मैरीटाइम यूनियन ऑफ़ इंडिया’ (अफसरों के लिए ₹12 लाख) या ‘नेशनल यूनियन ऑफ सीफेयरर्स ऑफ इंडिया’ (क्रू के लिए ₹10 लाख) से युद्ध-क्षेत्र (war-zone) में काम करने के लिए अतिरिक्त मुआवजा पाने के भी हकदार हैं।”
संबंधित ‘रिक्रूटमेंट एंड प्लेसमेंट सर्विस लाइसेंस’ वाली एजेंसी मुख्य रूप से जहाज के ‘प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी इंश्योरेंस कवर’ के तहत मुआवजे के दावों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार होती है।
वहीं, कतर में गैस फैसिलिटी पर हुई मौतों के लिए मुआवजा ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ (PMNRF) के तहत दिया जाता है और मारे गए हर व्यक्ति के परिवार वालों के लिए ₹2,00,000 की रकम मंजूर की गई है।
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