नई दिल्ली: पिछले हफ्ते 20 फरवरी को भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, चिब से सोमवार को कई घंटे पूछताछ की गई और फिर उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है।
इससे पहले सोमवार को तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी पहचान जितेंद्र यादव, राजा गुजर और विमल अजय कुमार के रूप में हुई है। ग्वालियर निवासी यादव, IYC के राष्ट्रीय समन्वयक हैं। गुजर IYC के ग्वालियर जिला अध्यक्ष हैं, जबकि कुमार भिंड से पदाधिकारी हैं। चार अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।
AI Summit में प्रदर्शन का मामला क्या है?
AI समिट में प्रदर्शन की घटना दोपहर करीब 12:30 बजे एआई इम्पैक्ट एक्सपो के एक हॉल के अंदर हुई थी। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने अनिवार्य ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर ली थी और क्यूआर कोड का उपयोग करके कार्यक्रम स्थल में प्रवेश किया था। वे कैजुअल कपड़ों में थे, उन्होंने टी-शर्ट के ऊपर स्वेटर और जैकेट पहन रखी थी।
पुलिस ने कहा कि समूह ने कथित तौर पर प्रदर्शनी हॉल के अंदर बिना शर्ट पहने विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाए और अपनी टी-शर्ट पर राजनीतिक रूप से उत्तेजक संदेश प्रदर्शित किए। साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी भी हुई थी। समिट के बीच हुए इस प्रदर्शन से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया था।
इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। एक वीडियो में प्रदर्शनकारियों को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के बाद अपने बाहरी कपड़े उतारते हुए और नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है। वायरल हो रहे कुछ वीडियो में सुरक्षाकर्मी और कुछ उपस्थित लोग प्रदर्शनकारियों को हॉल से बाहर धकेलते हुए भी दिखाई देते हैं।
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट खोलकर नारेबाजी की और ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ के नारे लगाए थे। जिस वक्त समिट में यह सबकुछ हुआ, उस समय वहां पर देश-विदेश के कई दिग्गज और प्रतिनिधि मौजूद थे।
विरोध प्रदर्शन पर भाजपा Vs कांग्रेस
इस प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और सत्तारूढ भाजपा के बीच बयानबाजी भी देखने को मिली थी। भाजपा ने एआई शिखर सम्मेलन को बाधित करने के प्रयास को भारत की विकास गाथा के प्रति कांग्रेस की ‘ईर्ष्या’ का परिणाम बताया था। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस भारत विरोधी है। वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस के प्रवक्ताओं ने यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा था कि विरोध जाहिर करना लोकतांत्रिक अधिकार है।
इन सबके बीच देश में इस पर भी बहस छिड़ी कि क्या प्रदर्शन करने के लिए एआई समिट जैसे मंच का इस्तेमाल करना जरूरी था, जहां देश-दुनिया के तकनीक दिग्गज जुटे हैं। विपक्षी पार्टियों में से कुछ ने इस तरह के प्रदर्शन की आलोचना की। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछले हफ्ते एक बयान में कहा कि ऐसे मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की छवि को ठेस पर पहुंचाने वाला था। उन्होंने कहा, ‘हमारे और कांग्रेस के बीच मतभेद हो सकते हैं, बीजेपी झूठ बोलती है यह भी देश जानता है। लेकिन विदेशी प्रतिनिधियों के सामने इस तरह का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए था। इससे देश की छवि को ठेस पहुंचती है।’
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्य सभा सांसद मनोज झा ने भी इस प्रदर्शन पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि मुद्दे वास्तविक हैं, शिकायतें भी हैं, लेकिन जगह और तरीका बेहतर हो सकता था। तृणमूल कांग्रेस ने भी इस प्रदर्शन की निंदा की थी। टीएमसी नेता बाबुल सुप्रियो ने एक ट्वीट में कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं और वैश्विक व्यापार जगत के दिग्गजों की मौजूदगी वाले मंच पर इस तरह का व्यवहार हमारे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के बारे में गलत संदेश देता है।

