नई दिल्ली: भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई समिट के दौरान शुक्रवार को जमकर हंगामा देखने को मिला। यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ता अचानक आयोजन स्थल पहुंचे और टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने लगे। सामने आए कुछ वीडियो में प्रदर्शनकारियों को अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील के विरोध में नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। समिट के बीच हुए इस प्रदर्शन से कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए हलचल का माहौल बन गया।
सामने आई जानकारी के अनुसार कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। बता दें कि कांग्रेस शुरू से ही आरोप लगाती रही है कि भारत को अमेरिका के साथ नए ट्रेड डील में उचित लाभ नहीं मिला है। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट खोलकर नारेबाजी की और ‘पीएम इज कंप्रोमाइज’ के नारे लगाए। जिस वक्त समिट में यह विरोध प्रदर्शन किया गया, उस समय वहां पर देश-विदेश के कई दिग्गज और प्रतिनिधि मौजूद थे।
प्रदर्शन के कुछ देर बाद यूथ कांग्रेस के एक्स हैंडल पर वीडियो साझा करते हुए लिखा गया, ‘AI Summit के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता.. जब देशहित से ऊपर कॉरपोरेट हित दिखें और विदेश नीति में नरमी साफ नजर आए, तब विरोध कर्तव्य बन जाता है! इसीलिए भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता भारत मंडपम पहुँचे.. ताकि ‘समझौता कर चुके पीएम’ के खिलाफ आवाज बुलंद हो और देश की अस्मिता पर हो रहे समझौते पर मोदी सरकार को जवाब देना पड़े!’
बहरहाल, भारत एआई इम्पैक्ट समिट में विरोध प्रदर्शन किए जाने के घटनाक्रम के बाद भारत मंडपम के अंदर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया है कि अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं और परिसर के कुछ हिस्सों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है। यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब दुनिया भर से एआई जगत के बड़े प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागी इस सम्मेलन में सत्रों में भाग ले रहे हैं।
विरोध प्रदर्शन पर भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा ने एआई शिखर सम्मेलन को बाधित करने के प्रयास को भारत की विकास गाथा के प्रति कांग्रेस की ‘ईर्ष्या’ का परिणाम बताया। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा, ‘कांग्रेस के लिए एआई का मतलब भारत-विरोधी है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि INC असल में ANC है, यानी राष्ट्र-विरोधी कांग्रेस (Anti-National Congress). प्रदर्शनकारी न सिर्फ नंगे बदन हैं, बल्कि चरित्रहीन भी हैं।’
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन ‘राहुल गांधी के निर्देश पर’ किया गया था। उन्होंने कांग्रेस से माफी की भी मांग की। भंडारी ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी पर शर्म आती है… इन्होंने अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन में हंगामा किया! भारत विरोधी कांग्रेस! कांग्रेस अर्बन नक्सल की तरह व्यवहार कर रही है।’
इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने सरकार और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर हमला तेज कर दिया। एक्स पर एक पोस्ट में खेड़ा ने कहा, ‘वैष्णव ने साबित कर दिया है कि भारत में एआई का मतलब ‘अश्विनी अक्षम हैं’ है।’ उन्होंने शिखर सम्मेलन को ‘सस्ते चाइना बाजार’ जैसा भी बताया और प्रधानमंत्री मोदी को ‘प्रधान (तमाशा) मंत्री’ कहते हुए आरोप लगाया कि यह आयोजन नवाचार के मंच के बजाय सिर्फ प्रचार का जरिया बनकर रह गया है।

