Friday, March 20, 2026
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सऊदी अरब ने भारत सहित 40 देशों से चिकन-अंडों के आयात पर क्यों लगाया प्रतिबंध?

सऊदी अरब ने 16 देशों के कुछ प्रांतों और शहरों के अंडे और चिकन पर भी आंशिक प्रतिबंध भी लगाया है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, बेल्जियम, भूटान, पोलैंड जैसे देश शामिल हैं।

नई दिल्ली: सऊदी अरब ने भारत सहित 40 देशों से चिकन और अंडे जैसे उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्ण प्रतिबंध के अलावा सऊदी अरब ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इटली, बेल्जियम, भूटान सहित 16 देशों के कुछ राज्यों या शहरों से आयात पर भी आंशिक प्रतिबंध लगाया है।

सऊदी अरब की ओर से जिन 40 देशों से मुर्गी और अंडे आदि के आयात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है, उसमें- अफगानिस्तान, अजरबैजान, जर्मनी, इंडोनेशिया, ईरान, बोस्निया और हर्जेगोविना, बुल्गारिया, बांग्लादेश, ताइवान, जिबूती, दक्षिण अफ्रीका, चीन, इराक, घाना, फिलिस्तीन, वियतनाम, कंबोडिया, कजाकिस्तान, कैमरून, दक्षिण कोरिया, उत्तर कोरिया, लाओस, लीबिया, म्यांमार, यूनाइटेड किंगडम, मिस्र, मैक्सिको, मंगोलिया, नेपाल, नाइजर, नाइजीरिया, हांगकांग, जापान, बुर्किना फासो, सूडान, सर्बिया, स्लोवेनिया, कोटे डी आइवर और मोंटेनेग्रो शामिल हैं।

द सऊदी फूट एंड ड्रग अथॉरिटी (SFDA) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा और घरेलू खाद्य आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित रखने का मकसद बताते हुए एहतियाती उपायों के तहत इस प्रतिबंध के निर्णय की घोषणा की है।

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट अनुसार, अधिकारियों ने कहा, ‘यह निर्णय जन स्वास्थ्य की रक्षा और स्थानीय बाजार में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।’

बर्ड फ्लू का प्रकोप सबसे बड़ी चिंता

एसएफडीए के अनुसार, यह कदम सऊदी अरब में संक्रामक पशु रोगों के प्रवेश को रोकने के लिए बनाए गए किंगडम के सख्त जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित देशों की सूची का चयन अंतरराष्ट्रीय रोग निगरानी रिपोर्टों और जोखिम आकलन के आधार पर किया गया है। इसमें भी मुख्य रूप से अत्यधिक संक्रामक एवियन इन्फ्लूएंजा (बर्ड फ्लू) के प्रकोप के संबंध में यह फैसला लिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध उन देशों से आयातित अंडे और मुर्गी उत्पादों पर लागू होता है, जिनसे पशु स्वास्थ्य को संभावित खतरा हो सकता है।

अधिकारियों के अनुसार, कुछ प्रतिबंध 2004 से प्रभावी हैं, जबकि अन्य देशों को पशु रोगों से संबंधित जोखिम आकलन और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के आधार पर पिछले कुछ वर्षों से धीरे-धीरे जोड़ा गया है।

सऊदी अरब ने साथ ही स्पष्ट किया कि हीट-ट्रिटेड और पूर्ण रूप से प्रोसेस्ड पोल्ट्री उत्पाद आयात के लिए पात्र हुए हैं और उन पर प्रतिबंध लागू नहीं होगा। इसके अलावा वैध पशु चिकित्सा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र वाले शिपमेंट की गहन जांच की जाएगी।

सऊदी अरब की ओर से कहा गया है कि उत्पादों को सभी स्वास्थ्य आवश्यकताओं का पालन करना होगा, जिसमें निर्यातक देश से आधिकारिक प्रमाण पत्र होना शामिल है, और ये सऊदी नियामकों द्वारा अनुमोदित होना चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि हीट-ट्रीटमेंट या प्रोसेसिंग बर्ड फ्लू या न्यूकैसल रोग वायरस को समाप्त करने के लिए पर्याप्त है।

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसएफडीए ने एक बयान में कहा, ‘सऊदी अरब उपभोक्ता सुरक्षा और अपनी खाद्य आपूर्ति को प्राथमिकता देता है। संभावित जोखिमों को कम करने के लिए जब भी आवश्यक हो, आयात निलंबन लागू किए जाते हैं।’

भारत पर क्या असर होगा?

भारत से यह निर्यात काफी कम ही होता है। वैसे, माना जा रहा है कि भारतीय निर्यातक और व्यापार अधिकारी आने वाले दिनों में प्रतिबंध के प्रभाव का मूल्यांकन और शिपमेंट की समीक्षा करेंगे। इससे सऊदी अरब के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रतिबंध क्षेत्रीय व्यापार प्रवाह को अस्थायी रूप से बाधित कर सकता है, विशेषकर उन निर्यातकों के लिए जो सऊदी बाजार पर अत्यधिक निर्भर हैं।

सऊदी अरब ने 16 देशों के कुछ प्रांतों और शहरों को विशेष रूप से लक्षित करते हुए आंशिक प्रतिबंध भी लगाया गया है। इनमें ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, बेल्जियम, भूटान, पोलैंड, टोगो, डेनमार्क, रोमानिया, जिम्बाब्वे, फ्रांस, फिलीपींस, कनाडा, मलेशिया, ऑस्ट्रिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य शामिल हैं। एसएफडीए ने स्पष्ट किया कि इन देशों में प्रतिबंध केवल कुछ राज्यों और शहरों पर लागू होते हैं, न कि पूरे देश पर।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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