ढाका: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री खालिदा जिया के जनाजे में शामिल होने ढाका पहुंचे हैं। हालांकि, बुधवार को सामने आई एक तस्वीर चर्चा में आ गई है। इस तस्वीर को बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने शेयर किया है। इस तस्वीर में एस जयशंकर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहली बार है भारत और पाकिस्तान के बीच इतने उच्च स्तर पर कोई मुलाकात हुई है।
हालांकि, न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सरकारी सूत्रों के हवाले से ये बात सामने आई है इस संक्षिप्त बातचीत में कुछ भी खास नहीं था, क्योंकि यह भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं थी।
वैसे भी यह मुलाकात बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के जनाजे के मौके पर हुई, जिसमें अलग-अलग देशों के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए थे। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इस संक्षिप्त मुलाकात की तस्वीरें शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक ने बुधवार को ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार कार्यक्रम से पहले भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और अभिवादन किया।’
हाथ मिलाने के पीछे की क्या कहानी है, सूत्रों ने क्या बताया?
सूत्रों ने इस बातचीत को प्रोटोकॉल के तहत बताया और कहा कि राजकीय अंतिम संस्कार जैसे बहुपक्षीय कार्यक्रमों में इस तरह की संक्षिप्त बातचीत आम बात है और यह किसी भी राजनयिक बातचीत या पहुंच को नहीं दर्शाती है।
सीएनएन-न्यूज-18 के अनुसार सूत्रों ने बताया, ‘यह किसी भी द्विपक्षीय बातचीत का हिस्सा नहीं था। दोनों पक्षों के बीच कोई औपचारिक बैठक, चर्चा या एजेंडा तय नहीं था और न ही ऐसा कुछ हुआ।’
उन्होंने आगे कहा कि ढाका सिर्फ इस कार्यक्रम के लिए एक तीसरे देश की जगह थी और भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी बातचीत में उसकी कोई सुविधा देने वाली या मध्यस्थ की भूमिका नहीं थी। सूत्रों ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस छोटी सी बातचीत से पाकिस्तान के प्रति भारत की स्थिति या नीति में कोई बदलाव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि भारत का रुख यही है कि रिश्ते तभी सामान्य हो सकते हैं जब सीमा पार आतंकवाद का माहौल न हो।
खालिदा जिया का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। उन्हीं के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जयशंकर बुधवार को ढाका पहुंचे थे। दशकों तक बांग्लादेश की राजनीति में एक प्रमुख हस्ती रहीं जिया ने कई बार देश का नेतृत्व किया और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख थीं।
तारिक रहमान से एस जयशंकार की मुलाकात
जनाजे में में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए, जयशंकर ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे और BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक व्यक्तिगत पत्र भी सौंपा।
भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘माननीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ढाका में लोगों की तरफ से संवेदना जताई। भारत सरकार ने बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर शोक जताया, लोकतंत्र में उनके योगदान को पहचाना और आने वाले चुनाव (फरवरी 2026) के जरिए बांग्लादेश में लोकतांत्रिक बदलाव के बाद संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद जताई।’
बताते चलें कि खालिदा जिया को बांग्लादेश की संसद भवन के साउथ प्लाजा में नमाज-ए-जनाजा के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बेगम जिया को ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर में उनके पति और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास दफन किया गया।

