Friday, March 20, 2026
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चीन ने अपनी सेना के सर्वोच्च जनरल को पद से क्यों हटाया है?

75 साल के झांग यूक्सिया चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमिशन (CMC) के उपाध्यक्ष थे। सीएमसी कम्युनिस्ट पार्टी का वह समूह है जिसका नेतृत्व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते हैं।

नई दिल्ली: चीन और इसकी सेना यानी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) इन दिनों एक अलग वजह से सुर्खियों में हैं। पिछले हफ्ते चीन के शीर्ष जनरल झांग यूक्सिया (Zhang Youxia) और एक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी जनरल लियू जेनली (Gen Liu Zhenli) को निष्कासित कर दिया गया। इस कार्रवाई से कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। चीन में शीर्ष स्तर पर इस तरह के विवाद की वजह क्या है? मसलन क्या इससे चीन की युद्ध क्षमता पर प्रभाव पड़ेगा। खासकर ताइवान पर चीन के कब्जा करने की तैयारियों की रह-रहकर आने वाली खबरों या किसी अन्य बड़े क्षेत्रीय संघर्ष पर भी क्या इसका असर पड़ने की आशंका है?

75 साल के झांग चीन की सेंट्रल मिलिट्री कमिशन (CMC) के उपाध्यक्ष थे। सीएमसी कम्युनिस्ट पार्टी का वह समूह है जिसका नेतृत्व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करते हैं। यही सशस्त्र बलों को भी नियंत्रित करता है। सीएमसी में आमतौर पर लगभग सात सदस्य होते हैं, अब घटकर यह संख्या घटकर केवल दो रह गई हैं। इसमें एक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और दूसरे जनरल झांग शेंगमिन शामिल हैं।

अन्य सभी को पहले ही ‘भ्रष्टाचार रोधी’ अभियान में हटाया जा चुका है। चीन की सीएमसी यहां के लाखों सैन्य कर्मियों को नियंत्रित करती है। सीएमसी इतना शक्तिशाली है कि जब 1980 के दशक में (1979 से 1989 तक) डेंग शियाओपिंग देश के सर्वोच्च नेता थे, तब अधिकांश समय उन्होंने केवल यही पद संभाला था।

CMC से बड़े जनरलों की छुट्टी..क्या है वजह?

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार एशिया सोसायटी ऑफ पॉलिसी इंस्टिट्यूट के लाइल मॉरिस ने इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि अभी कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल हमें नहीं पता कि क्या सच है और क्या झूठ… लेकिन यह निश्चित रूप से शी जिनपिंग, उनके नेतृत्व और पीएलए पर उनके नियंत्रण के लिए बुरा है।’

इसके अलावा नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के एसोसिएट प्रोफेसर चोंग जा इयान ने भी कहा कि उन्हें झांग के हटाए जाने का असली कारण ठीक से पता नहीं है, लेकिन इस बारे में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘अमेरिका को न्यूक्लियर सीक्रेट लीक करने से लेकर तख्तापलट की साजिश रचने और गुटबाजी तक, हर तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। बीजिंग में गोलीबारी की भी अफवाहें हैं।’

उन्होंने आगे कहा कि झांग और लियू को इस तरह हटाए जाने के साथ-साथ इन अटकलों से दो बातें स्पष्ट होती हैं। एक तो यह कि शी जिनपिंग का नियंत्रण अभी भी बना हुआ हैं और दूसरा यह कि बीजिंग में सूचनाओं की काफी कमी है, जिससे अनिश्चितता बढ़ती है और ये अटकलें और भी तेजी से फैलती हैं।

यहां बता दें कि आधिकारिक सूचना में झांग और लियू के ‘जांच के दायरे में’ होने की बात कही गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि उन पर ‘अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन’ का आरोप है।

इसके बाद पीएलए डेली के एक संपादकीय में लिखा गया कि यह कदम कम्युनिस्ट पार्टी के ‘भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस’ वाले रवैये को दर्शाता है, चाहे अपराधी कोई भी हो या उसका पद कितना भी ऊंचा हो।’

केवल भ्रष्टाचार या ‘पावर पॉलिटिक्स’ का नतीजा?

चीन में सीएमसी से जुड़े इन सभी जनरलों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साफ-साफ तरीके से अभी भी सार्वजनिक नहीं किया गया है और संभव है कि शायद कभी किया भी न जाए। हालांकि, ये नाम जांच के दायरे में आने से लगभग निश्चित रूप से यह संकेत मिल रहे है कि उन्हें कम से कम जेल की सजा तो दी ही जाएगी।

पीएलए डेली के संपादकीय में झांग और लियू को पहले से ही दोषी ‘मानते’ हुए कहा गया कि उन्होंने ‘कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमिटी के विश्वास और अपेक्षाओं को गंभीर रूप से धोखा दिया है’ और साथ ही ‘सेंट्रल मिलिट्री कमिशन’ को नुकसान पहुंचाया है और कमजोर किया है।’

वैसे, जिस तरह तख्तापलट की कोशिश सहित अन्य अफवाह फैले हैं और पूर्व में इस तरह की कार्रवाईयों के नतीजों को देखते हुए यह संभावना भी जताई जा रही है कि ये सबकुछ पावर पॉलिटिक्स यानी सत्ता की राजनीति से भी जुड़ा हो सकता है।

बताते चलें कि चीन में क्रांति के दिनों में झांग के पिता शी जिनपिंग के पिता के साथी रह चुके हैं। ऐसे में झांग का शी जिनपिंग के साथ भी पुराना रिश्ता है। दोनों को करीबी सहयोगी माना जाता रहा है। इसके बावजूद झांग को हटाए जाने ने इस धारणा को भी बल दिया है कि कोई भी सुरक्षित नहीं है।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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