Friday, March 20, 2026
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बांग्लादेश में भारत विरोधी प्रदर्शन क्यों हो रहे? देर रात हालात और बेकाबू, कौन है उस्मान हादी जिसकी हत्या हुई

उस्मान हादी को पिछले हफ्ते गोली मार दी गई थी और गुरुवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की खबर फैलने के बाद गुरुवार रात बांग्लादेश में फिर बड़े पैमाने पर फिर हिंसा और प्रदर्शन हुआ।

ढाका: पिछले साल यानी 2024 में शेख हसीना की सत्ता के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन के एक प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में गुरुवार रात बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए। देर रात तक देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर अशांति देखी गई। राजधानी ढाका और दूसरे शहरों में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और हादी के लिए न्याय की मांग की।

32 साल के हादी को पिछले हफ्ते गोली मार दी गई थी और गुरुवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। देर रात हुए विरोध प्रदर्शनों में पूर्व सत्ताधारी अवामी लीग से जुड़ी संपत्तियों पर हमले किए गए। बांग्लादेश में कई मीडिया के ऑफिस में तोड़फोड़ की खबरें हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों के भारतीय राजनयिक परिसरों की ओर मार्च करने और प्रदर्शन करने की कोशिश की गई।

ढाका सहित बांग्लादेश के कई शहरों में प्रदर्शन

हादा की मौत की खबर जैसे ही फैली, गुरुवार देर रात और शुक्रवार तड़के ढाका में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम कर दीं, नारे लगाए और भारतीय राजनयिक परिसरों तक पहुंचने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों द्वारा वहां इकट्ठा होने की कोशिश के बाद पुलिस ने भारत के उप उच्चायुक्त के आवास के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी शहर राजशाही में प्रदर्शनकारियों ने एक क्षेत्रीय भारतीय राजनयिक के ऑफिस की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जुलूस को रोक दिया। बांग्लादेश के पोर्ट सिटी चटगांव में भी प्रदर्शन की खबरें है, जहां प्रदर्शनकारी भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर जमा हुए और भारत विरोधी नारे लगाए। सोशल मीडिया पर कई वीडियो में भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन ऑफिस के पास पत्थरबाजी की घटनाएँ देखी जा सकती हैं।

भारत के विरोध में नारेबाजी

स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन (SAD) की एक शाखा- नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के सदस्यों ने बड़े पैमाने पर इन विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया है। प्रदर्शनकारियों ने भारत विरोधी नारे लगाए और आरोप लगाया कि हादी के हमलावर भारत भाग गए हैं। विरोध प्रदर्शन के नेताओं ने अंतरिम सरकार से कार्रवाई की मांग की। समाचार एजेंसी पीटीआई ने NCP के एक प्रमुख नेता सरजिस आलम के हवाले से बताया, ‘जब तक भारत हादी भाई के हत्यारों को वापस नहीं भेजता, तब तक बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग बंद रहेगा। अभी नहीं तो कभी नहीं। हम युद्ध के हालात में हैं!’

मीडिया के ऑफिस, आवामी लीग के कार्यालय पर हमला

विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी ढाका में कई इमारतों में आगजनी की खबरें हैं। बांग्लादेश के कुछ प्रमुख अखबारों ‘प्रोथोम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ के दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई। फायर अधिकारियों ने आगजनी की कम से कम तीन घटनाओं की पुष्टि की है।

पीटीआई ने एक चश्मदीद के हवाले से बताया कि ‘कई सौ प्रदर्शनकारी रात करीब 11 बजे प्रोथोम आलो के दफ्तर पहुंचे और बाद में इमारत को घेर लिया।’ चश्मदीद ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने बाद में डेली स्टार के दफ्तर में भी आग लगा दी।

हिंसा की खबरें ढाका से बाहर भी फैल गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने राजशाही में अवामी लीग के एक ऑफिस में आग लगा दी। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से जुड़ी संपत्तियों में भी तोड़फोड़ की गई। पिछले साल के विद्रोह के दौरान सत्ता से हटाए जाने के बाद हसीना भारत भाग आई थीं। स्थानीय मीडिया फुटेज के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने ढाका को मैमनसिंह से जोड़ने वाले एक मुख्य हाईवे को ब्लॉक कर दिया और चटगांव में एक पूर्व मंत्री के घर पर भी हमला किया।

कौन था शरीफ उस्मान हादी?

32 साल का हादी स्टूडेंट-लीड प्लेटफॉर्म इंकलाब मंच का सीनियर लीडर था और पिछली सरकार का कड़ा आलोचक माना जाता था। इसी महने 12 दिसंबर को जब वह सेंट्रल ढाका में एक मस्जिद से निकल रहा था, तब कुछ नकाबपोश हमलावरों ने उसे गोली मार दी थी। ढाका में शुरुआती इलाज के बाद, हादी को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर एयरलिफ्ट किया गया, जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने हादी की मौत को ‘देश के लिए एक अपूरणीय क्षति’ बताया। उन्होंने शनिवार को एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की है।

यूनुस ने देर रात अपने संबोधन में कहा कि सभी सरकारी और निजी संस्थानों और विदेशों में बांग्लादेश के मिशनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। उन्होंने कहा कि ‘शहीद’ उस्मान हादी के लिए जुम्मे की नमाज के बाद पूरे देश में विशेष प्रार्थनाएं की जाएंगी। उन्होंने हादी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हादी की पत्नी और बच्चे के कल्याण की जिम्मेदारी लेगी।

दूसरी ओर पुलिस ने हादी के हमलावरों को पकड़ने के लिए देशव्यापी तलाशी अभियान शुरू किया हुआ है और दो संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं। अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को पचास लाख टका का इनाम देने की भी घोषणा की है और चेतावनी दी कि लगातार हिंसा से चल रहे राजनीतिक बदलाव को खतरा हो सकता है।

बांग्लादेश में बढ़ रही भारत विरोधी भावनाएं

बांग्लादेश में यह अशांति इस हफ्ते की शुरुआत में हुए भारत विरोधी प्रदर्शनों के बाद फैली है। शेख हसीना के दिल्ली भाग जाने के बाद से दोनों पड़ोसी देशों के बीच रिश्ते लगातार खराब होते गए हैं। बुधवार को, ‘जुलाई ओइक्या’ (जुलाई एकता) बैनर के तहत सैकड़ों प्रदर्शनकारी ढाका में भारतीय उच्चायोग की ओर मार्च करते हुए भारत विरोधी नारे लगा रहे थे, और साथ ही हसीना की वापसी की भी मांग कर रहे थे।

इस हफ्ते की शुरुआत में भारत ने नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त मुहम्मद रियाज हामिदुल्लाह को ढाका में भारतीय उच्चायोग को मिली हालिया धमकियों और बांग्लादेशी नेताओं के भड़काऊ भारत विरोधी बयानों पर औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज कराने के लिए तलब किया था।

यह बुलावा तब भेजा गया जब बांग्लादेश की नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के एक नेता ने धमकी दी कि ढाका दिल्ली के दुश्मन ताकतों को पनाह देगा और भारत में ‘सात बहनों’ (पूर्वोत्तर राज्यों के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) को भारत से अलग करने में मदद करेगा।

हादी पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ़ इंकलाब मंच द्वारा आयोजित एक विरोध रैली में अब्दुल्ला ने कहा था, ‘सेवन सिस्टर्स भारत से अलग हो जाएंगी।’ उन्होंने इस बेतुके दावे को भी दोहराया कि आरोपियों को भारत का समर्थन मिल रहा है। भारत कह चुका है कि वह हादी पर जानलेवा हमले के बारे में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा बनाए जा रहे झूठे नैरेटिव को पूरी तरह से खारिज करता है।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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