नई दिल्ली: साल 2026 का आईपीएल सीजन शुरू होने से महज कुछ दिन पहले राजस्थान रॉयल्स टीम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। एक बड़े सौदे के तहत अमेरिकी टेक उद्यमी काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। इसे 1.63 अरब डॉलर (करीब 15,000 करोड़ रुपये) में खरीदा गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक निवेश बैंक रेने ग्रुप (Raine Group) की देखरेख में यह सौदा हुआ है। यह सबकुछ कई हफ्तों की चली बोली की प्रक्रिया के बाद संभव हुआ है। स्पोर्ट्स डेटा और एआई में गहरी पकड़ रखने वाले उद्यमी सोमानी पहले से ही इस फ्रेंचाइजी में निवेशक थे, लेकिन उनकी हिस्सेदारी कम थी। हालांकि, वॉलमार्ट परिवार के रॉब वाल्टन और हैम्प परिवार (NFL की डेट्रॉइट लायंस के मालिक) जैसे दिग्गजों द्वारा समर्थित यह नया अधिग्रहण भारतीय खेलों में अब तक के सबसे बड़े निजी इक्विटी निवेशों में से एक बन गया है।
IPL इतिहास की ‘सबसे बड़ी डील’
यह सौदा आईपीएल इतिहास का सबसे बड़ा स्वामित्व लेनदेन माना जा रहा है। इससे आईपीएल की वैश्विक ताकत को और मजबूती मिलने की भी उम्मीद है। राजस्थान रॉयल्स आईपीएल की पहली ऐसी टीम बन गई है जिसकी कीमत 1 अरब डॉलर से अधिक आंकी गई है। वैसे, स्वामित्व में बदलाव आईपीएल 2026 के बाद लागू होने की संभावना है।
इससे पहले टीम का स्वामित्व इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स के पास था। इसका नेतृत्व ब्रिटिश-भारतीय कारोबारी मनोज बदाले करते हैं। बता दें कि साल 2008 में आईपीएल के पहले सीजन से पहले इस फ्रेंचाइजी को केवल 6.7 करोड़ डॉलर में खरीदा गया था, जो उस समय सबसे सस्ती टीम थी।
राजस्थान रॉयल्स के लिए 16 मार्च को बोली की समय सीमा समाप्त होने के बाद बिक्री प्रक्रिया में तेजी आ गई थी। द संडे गार्जियन और मनीकंट्रोल की रिपोर्टों के अनुसार सोमानी के नेतृत्व वाले समूह ने एक भारतीय बहुराष्ट्रीय समूह से मिली कड़ी प्रतिस्पर्धा को मात दी। उस समूह ने अमेरिकी खेल जगत के दिग्गज डेविड ब्लिट्जर के साथ साझेदारी की थी।
कौन हैं राजस्थान रॉयल्स को खरीदने वाले काल सोमानी
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार काल सोमानी स्कॉट्सडेल (अमेरिका) स्थित उद्यमी हैं। इनके पास आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एड-टेक और डेटा प्राइवेसी के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है। वह इंट्राएज और ट्रूयो के संस्थापक हैं और एआई गवर्नेंस के क्षेत्र में एक प्रमुख आवाज माने जाते हैं।
खेल जगत में उनका दखल पिछले कुछ सालों में बढ़ा है। वे मोटर सिटी गोल्फ क्लब के सह-मालिक हैं। साथ ही टीजीएल गोल्फ लीग और टीएमआरडब्ल्यू स्पोर्ट्स जैसे उभरते उपक्रमों में निवेश कर चुके हैं।
सोमानी के कंसोर्टियम को कई हाई-प्रोफाइल निवेशकों का समर्थन प्राप्त है। इनमें रॉब वाल्टन शामिल हैं, जो वॉलमार्ट परिवार के उत्तराधिकारी और डेनवर ब्रॉन्कोस के मालिक हैं। उनकी कुल संपत्ति 110 अरब डॉलर से अधिक आंकी जाती है। इसके अलावा, फोर्ड परिवार से जुड़ी शीला फोर्ड हैम्प भी इस समूह का हिस्सा हैं, जो डेट्रॉइट लायंस की मालिक हैं।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भी जारी है रेस
राजस्थान रॉयल्स की बिक्री से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लिए भी माना जा रहा है कि एक नया न्यूनतम मूल्य तय हो गया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आरसीबी का मूल्यांकन अब आसानी से 2 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा। वर्तमान मालिक, यूनाइटेड स्पिरिट्स के माध्यम से काम कर रही डियाजियो ने इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए 31 मार्च की सख्त समय सीमा तय की है।
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उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि आरसीबी की विशाल ब्रांड इक्विटी और डिजिटल उपस्थिति उसे रॉयल्स की तुलना में कम से कम 15 से 20 प्रतिशत अधिक मूल्य प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। वैसे, मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार ग्लेजर परिवार और अदार पूनावाला की शुरुआती दिलचस्पी कम होने के बाद, बेंगलुरु फ्रेंचाइजी की दौड़ कुछ दिग्गज दावेदारों तक ही सीमित होकर रह गई है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

