Saturday, November 29, 2025
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व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी में घायल एक नेशनल गार्ड की मौत, एक की हालत गंभीर, राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?

हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल, 29 वर्षीय अफगान नागरिक, के रूप में हुई है। वह 2021 में ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ कार्यक्रम के तहत अमेरिका आया था।

व्हाइट हाउस के करीब हुई गोलीबारी में नेशनल गार्ड की 20 वर्षीय सैनिक सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई, जबकि 24 वर्षीय एंड्रयू वोल्फ गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की और कहा कि वोल्फ अपनी जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। ट्रंप ने बेकस्ट्रॉम को बेहद सम्मानित, युवा और शानदार व्यक्तित्व बताया और कहा कि थैंक्सगिविंग पर सैनिकों से वीडियो कॉल शुरू करने से ठीक पहले उन्हें उनके निधन की सूचना मिली।

सारा बेकस्ट्रॉम के पिता गैरी बेकस्ट्रॉम ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था कि उनकी बेटी की चोटें इतनी गंभीर थीं कि बचना संभव नहीं था। अमेरिकी अटॉर्नी जीनिन पिरो ने उन्हें थैंक्सगिविंग पर ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाली हीरो बताया और श्रद्धांजलि दी।

वेस्ट वर्जीनिया के गवर्नर पैट्रिक मॉरिसी ने शुरुआत में एक्स पर दोनों सैनिकों की मृत्यु की पुष्टि की थी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति से जुड़ी विरोधाभासी रिपोर्टेंसामने आई हैं। परिवारों को सूचना दिए बिना आधिकारिक नाम सार्वजनिक करने से अधिकारी बच रहे हैं।

यह गोलीबारी बुधवार दोपहर को व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर 17वीं स्ट्रीट एनडबल्यू और I स्ट्रीट एनडबल्यू के चौराहे के पास हुई। इस क्षेत्र में आइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन भी शामिल है, जिसका उपयोग व्हाइट हाउस स्टाफ करता है। संघीय अभियोजकों के अनुसार, हमलावर वाशिंगटन के बेलिंगहैम से 2,500 मील से अधिक ड्राइव करके डीसी पहुँचा और .357 स्मिथ एंड वेसन रिवॉल्वर का उपयोग करके घात लगाकर किए गए हमले को अंजाम दिया।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के सहायक मुख्य जेफरी कैरोल ने इसे अचानक और जानबूझकर किया गया हमला बताया। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर ने घात लगाकर पहले सारा बेकस्ट्रॉम को निशाना बनाया, जिससे उन्हें सीने और फिर सिर में गोली लगी। जब उसने दूसरे गार्ड पर निशाना साधा, तो पास के एक तीसरे सैनिक ने हस्तक्षेप किया और उसे काबू कर लिया।

ट्रंप ने वाशिंगटन शहर की सुरक्षा में मदद के लिए 500 और सैनिकों की तैनाती के आदेश दिए हैं। ट्रंप ने एक बयान में कहा कि हमलावर भी बुरी तरह से घायल है, लेकिन उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। गोलीबारी के बाद, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, व्हाइट हाउस, मेन ट्रेजरी बिल्डिंग और फ्रीडमैन्स बैंक बिल्डिंग को लॉकडाउन कर दिया गया था। लकनवाल शादीशुदा है और उसके पाँच बच्चे हैं, हालांकि उसके परिवार का कहना है कि महीनों से उससे संपर्क नहीं हो पाया है और उन्हें हमले के बारे में कोई सुराग नहीं है।

व्हाइट हाउस के पास गोलाबारी करनेवाला रहमानुल्लाह लकनवाल कौन है?

हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल, 29 वर्षीय अफगान नागरिक, के रूप में हुई है। वह 2021 में ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ कार्यक्रम के तहत अमेरिका आया था। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लकनवाल ने अफगानिस्तान में सीआईए की सबसे गुप्त लड़ाकू इकाइयों में से एक, जीरो यूनिट्स में वर्षों तक सेवा की थी। यह सीआईए समर्थित टीम तालिबान से लड़ती थी और 2021 में अमेरिकी वापसी के अंतिम दिनों के दौरान काबुल हवाई अड्डे को सुरक्षित करने का काम भी किया था। सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने बताया कि उसे बाइडेन प्रशासन द्वारा कंधार में एक भागीदार बल के सदस्य के रूप में अमेरिकी सरकार, जिसमें सीआईए भी शामिल है, के साथ उसके पिछले काम के कारण देश में लाया गया था।

गोलीबारी की घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिका में प्रवेश करने वाले अफगान अप्रवासियों की समीक्षा करने को कहा है। फ्लोरिडा से दिए गए अपने पूर्व-रिकॉर्डेड बयान में ट्रंप ने कहा, यह जघन्य हमला एक बुराई का, घृणा का और आतंकवाद का कार्य था। हमें अब बाइडेन के अधीन अफगानिस्तान से हमारे देश में प्रवेश करने वाले प्रत्येक विदेशी की फिर से जाँच करनी होगी।

उन्होंने आगे कहा, “हमें अब अफगानिस्तान से हमारे देश में आए हर एक नागरिक की फिर से जांच करनी चाहिए, और हमें किसी भी देश से किसी भी नागरिक को हटाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने चाहिए जो यहां का नहीं है या हमारे देश को फायदा नहीं पहुंचाता है। अगर वे हमारे देश से प्यार नहीं कर सकते तो हम उन्हें नहीं चाहते हैं।”

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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