भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर व्हाइट हाउस ने अपनी आधिकारिक फैक्टशीट में अहम संशोधन किए हैं। यह बदलाव भारत द्वारा उन दावों पर आपत्ति जताने के बाद किए गए हैं, जो दोनों देशों के बीच हुई वास्तविक सहमति से मेल नहीं खा रहे थे। व्हाइट हाउस ने अपनी फैक्टशीट से दालों पर टैरिफ कम करने और 500 अरब डॉलर की प्रतिबद्ध खरीद जैसे दावों को हटा दिया है।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी शुरुआती फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत कुछ दालों पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया है। हालांकि, संशोधित संस्करण से ‘दालों’ का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है। भारत दुनिया में दालों का सबसे बड़ा उत्पादक और उपभोक्ता है, और यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत ने इस क्षेत्र में किसी भी तरह की रियायत के दावों का कड़ा विरोध किया, जिसके बाद वाशिंगटन को इसे हटाना पड़ा। इसके अलावा, खरीद की सूची से ‘कृषि उत्पादों’ शब्द को भी हटा दिया गया है।
‘प्रतिबद्धता’ की जगह अब ‘इच्छा’
एक और प्रमुख बदलाव भारत द्वारा अमेरिकी उत्पादों की खरीद की भाषा में देखा गया है। पहले की फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत अमेरिका से ऊर्जा, तकनीक और कोयला जैसे उत्पाद खरीदने के लिए 500 अरब डॉलर की ‘प्रतिबद्धता’ (Commitment) जता चुका है। अब इसे बदलकर ‘इच्छा (Intends to buy) कर दिया गया है। यह संशोधन 7 फरवरी को दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षरित संयुक्त बयान के अनुरूप है, जहाँ भारत ने भविष्य में खरीद की संभावना जताई थी, न कि कोई कानूनी बाध्यता।
डिजिटल सर्विस टैक्स हटाने के दावे भी हटे
व्हाइट हाउस ने डिजिटल सेवा कर को हटाने के दावे को भी फैक्टशीट से हटा दिया है। संशोधित संस्करण में अब केवल इतना कहा गया है कि भारत डिजिटल व्यापार नियमों पर ‘बातचीत करने के लिए प्रतिबद्ध’ है। गौरतलब है कि भारत ने डिजिटल विज्ञापन सेवाओं पर अपना 6% इक्वलाइजेशन लेवी पहले ही 1 अप्रैल, 2025 से प्रभावी ‘वित्त विधेयक 2025’ के माध्यम से हटा दिया था, जो इस व्यापार ढांचे की घोषणा से लगभग 10 महीने पहले की बात है।
यह अंतरिम समझौता करीब एक साल की लंबी बातचीत के बाद हुआ है, जो फरवरी 2025 में शुरू हुई थी। इस समझौते के तहत भारत को कपड़ा, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक और रबर जैसे प्रमुख निर्यात क्षेत्रों में लगने वाली ड्यूटी में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिसे 50% से घटाकर 18% किया जाना प्रस्तावित है।
हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव तब बढ़ गया था जब ट्रंप प्रशासन ने भारत से होने वाले आयात पर 50% टैरिफ लगाने की बात कही थी। हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद इस अंतरिम समझौते का रास्ता साफ हुआ।
व्हाइट हाउस द्वारा जारी शुरुआती फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत कुछ दालों पर टैरिफ कम करने के लिए सहमत हो गया है। हालांकि, संशोधित संस्करण से ‘दालों’ का जिक्र पूरी तरह हटा दिया गया है।

