Friday, March 20, 2026
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पश्चिम बंगाल एसआईआर विवाद: सात एईआरओ के बाद चुनाव आयोग ने तीन सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को किया निलंबित

इससे पहले सोमवार को चुनाव आयोग ने काम में लापरवाही को लेकर सात एईआरओ को निलंबित किया था और राज्य सरकार को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था। इस कदम को लेकर राज्य सरकार और आयोग के बीच टकराव बढ़ गए हैं।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक टकराव का सिलसिला जारी है। सात सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के निलंबन के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने काम में लापरवाही के आरोप में तीन माइक्रो-ऑब्जर्वर (सूक्ष्म पर्यवेक्षकों) को भी निलंबित कर दिया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

सीईओ कार्यालय के अनुसार, ईसीआई द्वारा नियुक्त जिला मतदाता सूची पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। बयान में कहा गया कि एसआईआर से जुड़े कार्यों में तैनात मतदाता सूची सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को अपनी जिम्मेदारियां निष्ठापूर्वक निभानी चाहिए और यदि वे अपना काम किसी अन्य को सौंपते हैं तो उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है उनमें बंगाल ग्रामीण विकास बैंक के एक प्रबंधक, सार्वजनिक क्षेत्र के यूको बैंक के एक वरिष्ठ प्रबंधक और एक केंद्रीय उत्पाद शुल्क निरीक्षक शामिल हैं। इन तीनों को एसआईआर के लिए सूक्ष्म पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था। आयोग ने मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और उनके मूल नियुक्तिकर्ता प्राधिकरण को जांच की प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराने को कहा गया है।

इससे पहले सोमवार को चुनाव आयोग ने कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में सात एईआरओ को निलंबित किया था और राज्य सरकार को उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया था। इस कदम को लेकर राज्य सरकार और आयोग के बीच टकराव बढ़ गए हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि निलंबित अधिकारियों को नौकरी से नहीं हटाया जाएगा, बल्कि उन्हें चुनाव संबंधी कार्यों से अलग कर अन्य क्षेत्रों में नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने एकतरफा तरीके से कार्रवाई की और अधिकारियों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया। साथ ही उन्होंने आयोग पर राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया और अधिक लोकतांत्रिक तरीके से काम करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से आयोग के आईटी विभाग से जुड़ी एक महिला अधिकारी पर निशाना साधते हुए कहा कि आयोग इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं कर रहा है।

हालांकि, सीईओ कार्यालय के सूत्रों ने कहा कि सात एईआरओ का निलंबन ईसीआई के दिशानिर्देशों के उल्लंघन के ठोस आधार पर किया गया था। उनके अनुसार संबंधित अधिकारियों को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं किया, जिसके बाद कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई। सूत्रों का कहना है कि एसआईआर में लगे पर्यवेक्षकों ने उन्हें नियमों का पालन करने को कहा था, पर चेतावनियों के बावजूद मनमाने ढंग से काम जारी रहा।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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