Tuesday, April 7, 2026
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पश्चिम बंगाल: SIR प्रक्रिया में हटाए गए 90 लाख से ज्यादा नाम, चुनाव आयोग ने जारी किए आंकड़े

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर प्रक्रिया को लेकर गहमागहमी के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने आंकड़े जारी किए हैं। वोटर्स के लिए न्यायिक निर्णय प्रक्रिया सोमवार (6 अप्रैल) रात के बाद भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने अनुमान लगाया है कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर लगभग 90 लाख से ज्यादा हो गई है।

हालांकि न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल मामलों में से कुछ ही प्रतिशत मामलों में न्यायिक अधिकारियों द्वारा ई-हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम आंकड़े पर पहुंचने के बाद यह संख्या समय के साथ मामूली रूप से बढ़ सकती है।

पश्चिम बंगाल SIR के आंकड़े

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के कार्यालय द्वारा आंकड़े उपलब्ध कराए गए। इसके मुताबिक, न्यायिक निर्णय के लिए भेजे गए कुल 60,06,675 मामलों में से 59,84,512 मामलों की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन पर न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर हो चुके हैं।

इसके बाद फिर से 59,84,512 की संख्या में से न्यायिक अधिकारियों द्वारा “बहिष्कृत” माने गए। ऐसे में “हटाए गए” मतदाताओं की संख्या 27,16,393 है। इसका अर्थ है कि पश्चिम बंगाल में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या वर्तमान में 90,83,345 है।

गौरतलब है कि बीते साल नवंबर में पश्चिम बंगाल के लिए विशेष गहन संशोधन (SIR) की अधिसूचना जारी होने से पहले राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 7,66,37,529 थी। पिछले साल दिसंबर में प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची (Draft Voter List) में कुल 58,20,899 नाम हटा दिए गए थे। 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर 63,66,952 हो गई।

समाचार एजेंसी आईएएनएस ने सीईओ कार्यालय के एक अधिकारी के हवाले से लिखा कि “न्यायिक अधिकारियों द्वारा 27,16,393 मामलों को बहिष्कृत पाए जाने के बाद, पश्चिम बंगाल में संपूर्ण एसआईआर प्रक्रिया में हटाए गए मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 90,83,345 हो गई है। 22,163 मामलों में न्यायिक अधिकारियों के ई-हस्ताक्षर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, हटाए गए मतदाताओं की वर्तमान संख्या में कुछ और नाम जुड़ सकते हैं।”

हालांकि, न्यायिक निर्णय की प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम “बहिष्करणीय” पाए गए हैं, उन्हें इस उद्देश्य के लिए स्थापित 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों में से किसी एक में छूट के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा।

मुर्शिदाबाद से हटे सर्वाधिक नाम

मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, न्यायिक निर्णय प्रक्रिया के दौरान “छूट योग्य” पाए गए मामलों की अधिकतम संख्या अल्पसंख्यक बहुल मुर्शिदाबाद जिले से थी। मुर्शिदाबाद से हटाए गए नामों की कुल संख्या 4,55,137 है। इसके बाद उत्तर 24 परगना में 3,25,666 और एक अन्य अल्पसंख्यक बहुल जिले मालदा में 2,39,375 नाम हैं।

ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल की 293 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव दो चरणों में होंगे। यह 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों के लिए मतदान होगा जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों के लिए मतदान होगा। वहीं, इसके नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

गौरतलब है कि राज्य में एसआईआर का चुनावी मुद्दा बना हुआ है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसको लेकर हमलावर हैं और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही हैं। वहीं, इसके लिए टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट में मामला भी दायर किया था। बीती फरवरी को बनर्जी ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा था।

(समाचार एजेंसी आईएएनएस से इनपुट के साथ)

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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