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पश्चिम बंगालः एक और बीएलओ ने की आत्महत्या, परिवार वालों ने SIR वर्कलोड के चलते दबाव बताई वजह

पश्चिम बंगाल में एक और बीएलओ ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने घटनास्थल से बंगाली भाषा में लिखा सुसाइड नोट बरामद किया है।

कोलकाताः पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में रविवार 28 दिसंबर को एक और बीएलओ ने आत्महत्या कर ली। यह घटना जिले के रानीबांध इलाके में हुई है। बीएलओ एक प्राथमिक विद्यालय में हेडमास्टर थे। परिवार के लोगों ने आत्महत्या की वजह राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)प्रक्रिया के चलते बढ़ते काम के तनाव को बताया है।

पुलिस ने उस स्थान से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। इस घटना के साथ बंगाल में 4 नवंबर को एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद से अब तक छह बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की मृत्यु हो चुकी है, जो एसआईआर अभ्यास से संबंधित कार्यभार और तनाव को सहन नहीं कर सके।

पुलिस ने क्या बताया?

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, शव को पोस्टमार्टम के लिए राज्य द्वारा संचालित बांकुरा सम्मिलानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर में भेज दिया गया है।

आत्महत्या करने वाले बीएलओ की पहचान हरधन मंडल के नाम से हुई है। घटना की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि रानीबांध क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित राजकाटा मझेरपारा प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक, बीएलओ हरधन मंडल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

मंडल का शव उसके स्कूल के एक क्लासरूम के सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने उसे रानीबांध विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 206 के लिए बीएलओ के रूप में नियुक्त किया था।

पुलिस ने बताया कि बंगाली भाषा में लिखे सुसाइड नोट में लिखा था कि “मैं काम के बोझ को सहन नहीं कर सकता। गुडबॉय।” इस नोट के मुताबिक, बीएलओ ने अपनी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

बीएलओ के परिवारीजन ने क्या कहा?

मृतक बीएलओ हरधन मंडल के पुत्र सोहम मंडल ने बताया कि “मेरे पिता ने आत्महत्या कर ली क्योंकि एसआईआर से संबंधित कार्यभार उनके लिए असहनीय था। आयोग द्वारा उन्हें कोई उचित प्रशिक्षण नहीं दिया गया था।”

बीएलओ के पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, चुनाव आयोग ने आज मतदान केंद्र के कई मतदाताओं को सुनवाई के लिए तलब किया है क्योंकि उनका राज्य में 2002 में हुई पिछली जनगणना के प्रपत्रों से कोई संबंध नहीं है।

वह सुबह करीब 10 बजे घर से निकले लेकिन वापस नहीं लौटे। उनके परिवार के सदस्यों ने उनके फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बजता रहा। वे चिंतित हो गए और दौड़कर उनके स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने उन्हें कक्षा की छत से लटका हुआ पाया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि जांच अधिकारी आत्महत्या पत्र की सामग्री की पुष्टि करेंगे यह पता लगाएंगे कि क्या यह स्वयं बीएलओ ने लिखा था या किसी अन्य व्यक्ति ने। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारी इस बात की भी पड़ताल करेंगे कि क्या वह एसआईआर से संबंधित तनाव और कार्यभार या किसी अन्य बाहरी कारण से अवसाद से पीड़ित था।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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