Friday, March 20, 2026
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इराक और होर्मुज में दो जहाजों पर हमले, तीन भारतीय नाविकों की मौत; भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

इराक पोर्ट्स की जनरल कंपनी के महानिदेशक फरहान अल-फर्तूसी ने सरकारी इराकी समाचार एजेंसी को दिए बयान में बताया कि यह हमला फारस की खाड़ी में बसरा पोर्ट के पास जहाज-से-जहाज ट्रांसफर क्षेत्र में हुआ।

नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाएं तेज हो गई हैं। इराक के पास एक तेल टैंकर पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि भारत ने व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई है।

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की एक कंपनी के स्वामित्व वाले तेल टैंकर ‘सेफसी विष्णु’ (Safesea Vishnu) पर इराक के दक्षिणी हिस्से में खोर अल-जुबैर पोर्ट के पास हमला किया गया। यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत संचालित होता है। बताया जा रहा है कि जहाज को एक ईरानी मानव रहित या कथित ‘सुसाइड बोट’ ने निशाना बनाया।

इराक पोर्ट्स की जनरल कंपनी के महानिदेशक फरहान अल-फर्तूसी ने सरकारी इराकी समाचार एजेंसी को दिए बयान में बताया कि यह हमला फारस की खाड़ी में बसरा पोर्ट के पास जहाज-से-जहाज ट्रांसफर क्षेत्र में हुआ।

इस हमले में जहाज पर सवार एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई। हालांकि उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। जहाज पर मौजूद अन्य 27 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया और उन्हें आगे की मदद और जांच के लिए बसरा ले जाया गया है।

जहाज से जुड़े सूत्रों ने कहा कि इस हमले में भारतीय नागरिक की मौत की खबर से कंपनी बेहद दुखी है। उन्होंने भारत सरकार से इस घटना की कड़ी निंदा करने और क्षेत्र में काम कर रहे जहाजों के चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने की अपील की है।

सूत्रों ने यह भी चिंता जताई कि दुनिया भर में समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले नाविकों में भारतीयों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है। ऐसे में अगर ईरान किसी भी जहाज को निशाना बनाता है, तो भारतीय नागरिकों के ‘कोलैटरल डैमेज’ बनने की आशंका बनी रहती है।

वेसल फाइंडर वेबसाइट के अनुसार, सेफसी विष्णु एक कच्चे तेल का टैंकर है, जिसकी लंबाई करीब 228.6 मीटर और चौड़ाई 32.57 मीटर है। यह जहाज 2007 में बनाया गया था। इसकी ग्रॉस टनेज क्षमता 42,010 और डेडवेट टनेज 73,976 बताई जाती है।

भारत आ रहे जहाज पर भी हमला, 2 भारतीय की मौत, केंद्र ने जताई चिंता

इधर, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य जहाज पर हमले की खबरों पर भारत ने भी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि थाई झंडे वाले जहाज ‘मयूरी नारे’ पर हुए हमले की रिपोर्ट सामने आई है। यह जहाज भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था।

तस्वीरों में जहाज से भारी काला धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया और समुद्र में लाइफ राफ्ट तैरते देखे गए। जानकारी के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से निकलने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते समय इस जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पुष्टि की है कि इस हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है और एक अन्य सदस्य लापता है। ओमान की नौसेना ने इस जहाज से 20 नाविकों को सुरक्षित निकाला है। जबकि तीन अन्य क्रू सदस्यों की तलाश जारी रही। यह जहाज ओमान के उत्तर में करीब 11 नॉटिकल मील की दूरी पर यात्रा कर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ।घटना की तस्वीरों में जहाज से काला धुआं उठता और समुद्र में लाइफ राफ्ट तैरते देखे गए हैं।

रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान व्यावसायिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि हालिया हमलों में भारतीय नागरिकों सहित कई लोगों की जान जा चुकी है और हमलों की तीव्रता बढ़ती दिखाई दे रही है।

जायसवाल ने कहा कि व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना और समुद्री व्यापार तथा आवागमन की स्वतंत्रता में बाधा डालना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार सतर्क है। खाड़ी देशों और इजरायल में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं और संकट में फंसे भारतीयों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरान में भी करीब 9,000 भारतीय मौजूद हैं। इनमें से कुछ लोग सरकार की सलाह के बाद स्वदेश लौट चुके हैं, जबकि कई अभी भी वहां हैं और भारतीय दूतावास लगातार उनसे संपर्क बनाए हुए है। कुछ भारतीय जमीनी मार्ग से पड़ोसी देशों अर्मेनिया और अजरबैजान जाकर वहां से उड़ान लेने की योजना बना रहे हैं।

भारत सरकार ने कहा है कि वह क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण के लिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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