नई दिल्ली: हाल में पिछले ही हफ्ते देश के राज्यों में बारिश देखने मिली थी। इससे फरवरी के बाद अचानक बढ़ रही गर्मी से लोगों को राहत मिली थी। हालांकि, बेमौसम बारिश से खेती को कई राज्यों में नुकसान हुआ था। अब पिछले कुछ दिनों में जैसे-जैसे उत्तरी भारत में तापमान एक बार फिर बढने लगा है, वैसे ही मौसम का पैटर्न फिर बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
सामने आई जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की दो नई लहरें एक के बाद एक उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकती हैं। जिनमें से पहली 26 मार्च को भारत पहुंचने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में आने वाले कुछ दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किए हैं, जहां हाल के हफ्तों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि हो चुकी है।
किन-किन जगहों पर होगी बारिश?
मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च से शुरू होने वाले दो पश्चिमी विक्षोभों के कारण हिमाचल प्रदेश में बारिश और गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी हल्की बारिश होगी। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में भी छिटपुट वर्षा हो सकती है। असम, मेघालय में बारिश की संभावना है।
उत्तर भारत के कई और राज्यों में बारिश, आंधी और वज्रपात के आसार हैं। बिहार में 26 से 28 मार्च तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादलों के गर्जन के साथ-साथ छिटपुट बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड में हल्की बारिश और कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा में भी मौसम बदल सकता है। जहां तक दिल्ली और एनसीआर की बात है तो 26 मार्च की दोपहर को गरज, बिजली और 20-30 किमी प्रति घंटे से लेकर 40 किमी प्रति घंटे तक की तेज़ हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान तापमान में अनियमित उतार-चढ़ाव रहने की उम्मीद है।
अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की उम्मीद है, जिसके बाद अगले 24 घंटों में इसमें 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। वैसे, 29 मार्च तक दिल्ली में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। उत्तर प्रदेश में 27 मार्च को मौसम बदला हुआ नजर आ सकता है।
लगातार पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में अस्थिरता
लगातार तीन सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के कारण पिछले सप्ताह से उत्तर-पश्चिमी भारत में छिटपुट बारिश, गरज के साथ आंधी और तेज हवाएं चलती रही हैं। भारतीय मौसम विभाग ने मौसम के पैटर्न का अध्ययन करते हुए पुष्टि की है कि अप्रैल की शुरुआत तक इसी तरह का मौसम जारी रहेगा।
बारिश की तीव्रता ज्यादातर हल्की से मध्यम ही रहेगी। हालांकि, पहाड़ों में रहने वालों को सतर्क रहने को कहा गया है चाहिए क्योंकि तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ रहेगा। इसके अलावा मौसम में लगातार बदलाव का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन किसानों ने अपनी फसल काट ली है, उन्हें इसे सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
आने वाले सप्ताहांत में हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाने वाले यात्रियों को भी स्थानीय सलाहों पर कड़ी नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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