इस्लामाबाद: पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट ने आखिरकार कबूल कर लिया है कि उन्होंने कैमरे पर झूठ बोला था। दरअसल, हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें पाकिस्तानी हॉकी टीम सिडनी की सड़कों पर अपने सामान के साथ दिखाई दे रही थी। इसके तुरंत बाद बट ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सब ठीक है। लेकिन अब जबकि टीम लाहौर लौट आई है, तो उन्होंने स्वीकार किया है कि वह वीडियो झूठ को छिपाने के लिए बनाया गया था।
बट ने कबूल किया है कि उन्होंने सब कुछ ठीक होने का दावा करते हुए वीडियो सिर्फ इसलिए जारी किया क्योंकि टीम प्रबंधन ने उन पर दबाव डाला था। बट के अनुसार उन्हें बताया गया कि ये खबर भारत तक पहुंच गई है और इससे पाकिस्तान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। बट ने कहा कि देश की छवि बचाने के लिए उन्होंने अपनी और अपने टीम को हुई परेशानी को छुपाया। हालांकि, उन्होंने बुधवार को स्वीकार किया कि सिडनी में स्थिति बेहद भयावह थी।
क्या है मामला, पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ क्या हुआ था?
पाकिस्तान की हॉकी टीम एफआईएच हॉकी प्रो लीग के दूसरे चरण के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थी, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मालूम हुआ उनकी होटल बुकिंग रद्द हो गई है। इसके बाद वे सिडनी में फंस गए और घंटों अपने सामान के साथ सड़क पर इंतजार करने को मजबूर हुए। खबरों के मुताबिक, बुकिंग रद्द होने का कारण यह था कि पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (पीएचएफ) ने होटल के बिल का भुगतान नहीं किया था।
खिलाड़ियों को रहने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिली। बाद में होटल प्रबंधन ने कुछ कमरों का इंतजाम उनके लिए किया। साथ ही खिलाड़ियों को अपने दम पर वहां चीजों का प्रबंधन करना पड़ा। पाकिस्तानी टीम इस दौरे के दौरान चारों मैच भी हार गई और बुधवार सुबह लाहौर लौट आई, जहां पीएचएफ का कोई भी अधिकारी उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद नहीं था।
लाहौर पहुंचने के बाद बट ने पत्रकारों को बताया कि यह अनुभव बेहद अपमानजनक था और खिलाड़ियों को समय पर खाना मिलने में भी काफी दिक्कत हुई।
कपड़े और बर्तन तक धोने पड़े
बट ने बताया कि आखिरकार टीम को एक जगह रूकने के लिए मिली, लेकिन मुसीबतें यहीं खत्म नहीं हुईं, क्योंकि उन्हें मैच के दिनों में भी अपने बर्तन और कपड़े धोने पड़ते थे।
बट ने कहा, ‘अगर मैं ऑस्ट्रेलिया दौरे की बात करूं, तो मैं उड़ानों और होटल व्यवस्थाओं से शुरुआत करूंगा। सिडनी में उतरने के बाद, हमें ओपेरा स्ट्रीट के पास 12 से 15 घंटे तक असहाय लोगों की तरह भटकने के लिए मजबूर किया गया। किसी ने भी हमारी टीम की जिम्मेदारी नहीं ली। हमारे लिए कोई होटल का इंतजाम नहीं था, और हमें समय पर खाना भी नहीं दिया गया।’
बट ने कहा, ‘सिडनी से हम होबार्ट गए। मैं पहले यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि पाकिस्तान तक जो भी खबर पहुंची है, वह पूरी तरह सच है। मेरी टीम और मेरे द्वारा भेजे गए वीडियो असली थे। हालांकि, हमारी टीम मैनेजमेंट ने हमें बताया कि मामला भारत तक पहुंच गया है। जब भारत का जिक्र हुआ, तो मुझे व्यक्तिगत रूप से लगा कि यह मेरे देश का मामला है, और मेरे देश को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए मैंने एक वीडियो बनाया जिसमें कहा कि सब ठीक है और टीम के साथ कुछ गलत नहीं हो रहा है। लेकिन असल में, यह सच नहीं था। जो भी संदेश, वीडियो और रिपोर्ट सामने आईं, वे सब सच है।’
बट ने कहा कि उन्हें दौरे के दौरान अपनी टीम के प्रदर्शन पर गर्व है, क्योंकि उनके खिलाड़ियों को एक दिन इंतजार करने के बाद ऑस्ट्रेलिया में मिले स्थानीय आवास में खुद ही अपना ख्याल रखना पड़ा।
खिलाड़ियों को खुद बनाना पड़ता था अपना नाश्ता
बट ने कहा, ‘लड़के सुबह उठकर अपना नाश्ता खुद बनाते हैं। वे दो से तीन घंटे बर्तन धोते हैं। वे अपने कमरे और शौचालय खुद साफ करते हैं। हमें आराम करने का उचित समय नहीं मिलता था। खिलाड़ी मानसिक रूप से परेशान हैं। ऐसी परिस्थितियों में हम पाकिस्तान के लिए कैसे प्रदर्शन कर सकते हैं?’
पाकिस्तान के कप्तान ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) से बात की, जिसने उन्हें बताया कि पीएचएफ को दौरे के लिए धनराशि दी गई थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि टीम प्रबंधन ने उनसे झूठ बोला कि धनराशि जारी नहीं की गई है।
बट ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि खेल बोर्ड दोषी है या पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन। लेकिन एक बात निश्चित है – हमारे टीम प्रबंधन ने हमसे बार-बार झूठ बोला है।’
बट ने कहा, ‘आपने पूछा कि खराब व्यवस्था, खराब आवास और खराब भोजन के लिए कौन जिम्मेदार है। मैं टीम प्रबंधन को जिम्मेदार मानता हूं। लेकिन मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हॉकी महासंघ भी दोषी है। हालांकि, हम महासंघ से सीधे संवाद नहीं करते; हम टीम प्रबंधन के माध्यम से संवाद करते हैं। शेख उस्मान और शहजमान ने हमसे कई दावे किए, लेकिन वे बयान निराधार और झूठे थे।’
वैसे, पाकिस्तान हॉकी से जुड़ा विवाद पहली बार सामने नहीं आया है। अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण के दौरान भी खिलाड़ियों ने बकाया भुगतान न होने की शिकायत उठाई थी और बहिष्कार की धमकी दी थी। इसके अलावा विमान के अंदर धूम्रपान करने के बाद अनुशासनहीनता के कारण ओलंपियन अंजुम सईद को हटाए जाने के बाद टीम फिलहाल बिना मैनेजर के भी है।

