Saturday, November 29, 2025
Homeभारतउत्तराखंडः दो स्कूलों के पास झाड़ियों से 161 जिलेटिन स्टिक, 20 किलो...

उत्तराखंडः दो स्कूलों के पास झाड़ियों से 161 जिलेटिन स्टिक, 20 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामान बरामद, अब तक क्या पता चला?

इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4(ए) और बीएनएस की धारा 288 (विस्फोटक पदार्थ के साथ लापरवाहीपूर्ण व्यवहार) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

अल्मोड़ा, उत्तराखंड। जिले के साल्ट क्षेत्र में दो स्कूलों के पास झाड़ियों से 161 जिलेटिन स्टिक और 20 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री मिलने के बाद इलाके में बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया गया।

पुलिस के अनुसार गुरुवार को कुछ बच्चे क्रिकेट खेलते समय गेंद ढूंढने झाड़ियों की ओर गए और वहां विस्फोटक सामग्री का ढेर देखकर चौंक गए। उन्होंने इसकी जानकारी हायर सेकेंडरी स्कूल प्रशासन को दी। स्कूल के प्रिंसिपल ने इसकी सूचना पुलिस को दी। शुक्रवार को भिकियासैंण से पुलिस टीम पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर विस्फोटकों को सुरक्षित रूप से बरामद किय

इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धारा 4(ए) और बीएनएस की धारा 288 (विस्फोटक पदार्थ के साथ लापरवाहीपूर्ण व्यवहार) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और बम डिस्पोजल टीम तैनात

इलाके में शनिवार सुबह से ही बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। प्रांतीय सशस्त्र कॉन्स्टेबुलरी (पीएसी), अतिरिक्त पुलिस बल, बम निरोधक दस्ते, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) और इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) की टीमों ने स्कूल परिसर, झाड़ियों, पैदल रास्तों और जंगल क्षेत्र की गहन जांच की, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आसपास और विस्फोटक न हो।

फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने जिलेटिन स्टिक के सैंपल लेकर दूसरी बार परीक्षण शुरू किया है, जिससे इनके स्रोत और प्रकृति की पुष्टि की जा सके। मौके से मिट्टी के नमूने और अन्य सबूत भी जुटाए गए हैं।

गांव के प्रधान ने क्या बताया?

दभरा़ गांव के प्रधान अर्जुन सिंह ने बताया कि जिस जगह से जिलेटिन स्टिक मिली हैं, वह पिछले साल पूरे हुए पीएमजीएसवाई के सड़क निर्माण प्रोजेक्ट की साइट के बेहद करीब है। उनका कहना है कि कामगारों का कैंप सिर्फ 30 मीटर दूर था। संभव है कि पत्थर तोड़ने के लिए इन्हें लाया गया हो और बाद में अनुपयोगी होने पर छोड़ दिया गया हो।

अल्मोड़ा के एसएसपी देवेंद्र पिंचा ने बताया कि सैंपल एकत्र कर लिए गए हैं और विस्तृत जांच जारी है कि विस्फोटक किसने लाए और किस मकसद से रखे गए। उन्होंने यह भी कहा कि जिलेटिन स्टिक सड़क निर्माण में अक्सर उपयोग होती हैं, लेकिन पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।

उन्होंने बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद बरामद विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा। अल्मोड़ा पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी बड़ी साजिश की संभावना को पूरी तरह खारिज किया जा सके।

यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब लाल किला विस्फोट और फरिदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास 2,900 किलो विस्फोटक की जब्ती के बाद देशभर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 10 नवंबर को लाल किले के पास एक कार विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए थे। विस्फोटक से भरी कार कश्मीरी डॉक्टर उमर उन नबी द्वारा चलाई जा रही थी। इस विस्फोट के तार अल-फलाह यूनिवर्सिटी से भी जुड़े हैं जिसकी जांच एनआईए कर रही है।जांच में यह एक सुनियोजित आतंकी हमले के रूप में सामने आया और व्हाइट-कॉलर टेरर का एक नेटवर्क उजागर हुआ, जिसमें कई डॉक्टरों और पेशेवरों की गिरफ्तारी हुई।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments