Saturday, November 29, 2025
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सुब्रत रॉय सहारा के परिवार का वोटिंग अधिकार छिन जाएगा, नगर निगम ने अक्टूबर में खाली कराया था

सहारा श्री के परिवार का वोटिंग अधिकार छिन जाएगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर प्रक्रिया जारी है। इसके लिए आखिरी तारीख 4 दिसंबर है।

लखनऊः बिजनेस टाइकून स्वर्गीय सुब्रत रॉय सहारा के परिवार का वोटिंग अधिकार खतरे में है। दिवंगत सुब्रत रॉय सहारा की पत्नी स्वप्ना रॉय और बस्ती में उनके आवासों में रहने वाले 18 अन्य निवासियों का मतदान छिनने वाला है।

एसआईआर के दौरान बीएलओ टीमों को बस्ती में एक भी मतदाता नहीं मिला क्योंकि 6 अक्टूबर को लखनऊ नगर निगम द्वारा इसे अधिग्रहित करने के बाद निवासियों ने इसे खाली कर दिया था। इलाके के 19 पंजीकृत मतदाताओं में से चार सुब्रत रॉय के परिवार के हैं। बीएलओ ने स्वप्ना रॉय सहित सभी 19 लोगों के एसआईआर फॉर्म दीवारों पर चिपका दिए।

उत्तर प्रदेश में जारी है SIR

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश समेत पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में एसआईआर प्रक्रिया जारी है। बिहार के बाद चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर को 9 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए एसआईआर प्रक्रिया शुरू की है।

इन नौ राज्यों में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश हैं। इसमें तीन केंद्रशासित प्रदेश अंडमान निकोबार, लक्षद्वीप, पॉन्डिचेरी हैं। एसआईआर के दूसरे चरण में 51 करोड़ मतदाताओं की सूची है।

एसआईआर के दूसरे चरण में 321 जिले और 1,843 विधानसभाएं हैं। एसआईआर का दूसरा चरण 4 दिसंबर तक पूरा करना है। पीआईबी के आंकडों के मुताबिक, इस प्रक्रिया के लिए 5.3 लाख बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ), 7.64 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए), 10448 ईआरओ और 321 डीईओ हैं।

इस प्रक्रिया के दौरान बीएलओ इलेक्टोरल फॉर्म के वितरण और संग्रह करने के लिए कम से कम तीन-तीन बार घर जाएंगे।

विवादों में है प्रक्रिया

SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा काफी गर्माया रहा। विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों राष्ट्रीय जनता दल समेत कई अन्य दलों और सामाजिक संगठनों ने इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आदेश दिया था कि इस प्रक्रिया में आधार कार्ड को भी शामिल किया जाए। इससे पहले चुनाव आयोग ने 11 प्रमाण पत्रों की मांग की थी। इसमें आधार कार्ड और राशन कार्ड शामिल नहीं था।

बिहार के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की तरफ से भी याचिकाएं दायर की गई हैं। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कर रही है।

उत्तर प्रदेश में नागरिकों को 30 नवंबर तक अपना फॉर्म जमा करना है। मतदाता अपना नाम और संबंधित रिश्तेदार का नाम चुनाव आयोग की वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर देख सकते हैं और गणना प्रपत्र में विवरण प्रदान कर सकते हैं।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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