Saturday, November 29, 2025
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उत्तर प्रदेशः अवैध कफ सिरप की बिक्री को लेकर पुलिस ने 12 मेडिकल स्टोर मालिकों पर दर्ज किया मामला

उत्तर प्रदेश में अवैध कफ सिरप को लेकर 12 मेडिकल स्टोर मालिकों पर मामला दर्ज किया गया है। 23 नवंबर को यह कार्रवाई की गई है।

जौनपुरः उत्तर प्रदेश पुलिस ने जौनपुर जिले के 12 मेडिकल स्टोर के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस द्वारा यह कार्रवाई कथित तौर पर एक बड़े कोडीन आधारित कफ सिरप के व्यापार को लेकर किया गया है। पुलिस ने एफआईआर रविवार, 23 नवंबर को की है।

पुलिस अधीक्षक (शहरी) आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि मामला ड्रग इंस्पेक्टर रजत कुमार पांडे की शिकायत पर मामला दर्ज किया। उन्होंने बताया कि मामले को बेहद गंभीर मानते हुए निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर संलिप्त फर्मों का लाइसेंस रद्द करने की मांग की जाएगी। इस मामले का खुलासा होने से अधिकारियों में हड़कंप है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

रजत कुमार पांडे के मुताबिक, इस मामले को लेकर बीते एक हफ्ते से जगह-जगह छापेमारी की जा रही है।

शुभम जायसवाल है मास्टरमाइंड

द हिंदू की खबर के मुताबिक, अपराधियों में कथित तौर पर मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला प्रसाद को धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत बुक किया गया है।

ड्रग विभाग की जांच में पता चला है कि 37 लाख से अधिक कोडीन सिरप वाली बोतलें पाई गई हैं जिनकी कीमत 57 करोड़ रुपये है। जांच में पता चला कि ये बोतलें एक दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर पर जाली दस्तावेजों के माध्यम से बेची गईं।

इसकी आपूर्ति रांची स्थित एक फर्म से हुई है। यह आपूर्ति कागजों पर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भेजी गई थी। इन जिलों में आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर, बनारस, प्रतापगढ़ शामिल हैं। लेकिन वास्तव में इसे अवैध बिक्री के लिए बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तस्करी कर भेजा गया था।

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इसका खुलासा तब हुआ जब गाजियाबाद में सिरप ले जा रहे एक ट्रक जब्त किया गया। फर्जी बिलों के जरिए इनकी खपत की गई।

19 नवंबर तक चलाया गया अभियान

इसे देखते हुए फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश ने 19 नवंबर तक एक अभियान चलाया। इसमें बिलिंग और अभिलेखों में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का पर्दाफाश हुआ।

पुलिस अधीक्षक कौस्तुभ ने आगे की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। एसआईटी इस मामले की जांच करने में जुटी है और इसमें शामिल लोगों की पहचान में लगी है। इनकी पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी जड़ें पड़ोसी देश बांग्लादेश तक फैली हुई हैं। जांच एजेंसियां फर्जी खातों के साथ-साथ वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच कर रही हैं।

अमरेन्द्र यादव
अमरेन्द्र यादव
लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातक करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई। जागरण न्यू मीडिया में बतौर कंटेंट राइटर काम करने के बाद 'बोले भारत' में कॉपी राइटर के रूप में कार्यरत...सीखना निरंतर जारी है...
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