लखनऊः केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) ने 70 लाख रुपये के रिश्वत के आरोप में एक आईआरएस अधिकारी प्रभा भंडारी और सीजीएसटी के उपायुक्त (डिप्टी कमिश्नर) को गिरफ्तार किया है।
इससे पहले सीबीआई ने झांसी में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के दो अधीक्षकों को एक कारोबारी से उसकी फर्म के खिलाफ कर चोरी के मामलों को निपटाने के लिए 70 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया था।
सीबीआई अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी की लखनऊ स्थित भ्रष्टाचार-विरोधी इकाई ने झांसी स्थित जय दुर्गा हार्डवेयर्स फर्म के मालिक व्यवसायी राजू मंगतानी को भी गिरफ्तार किया है।
इस सौदे में कथित तौर पर मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले कर अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता को भी हिरासत में लिया गया है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को दो अधीक्षकों – अनिल तिवारी और अजय कुमार शर्मा – से मिली सूचना के आधार पर झांसी स्थित सीजीएसटी की उपायुक्त प्रभा भंडारी तक पहुंचने का रास्ता पता चला। आरोप है कि भंडारी ने इन्हीं दोनों के माध्यम से रिश्वत की मांग शुरू की थी।
सीबीआई की पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार किए गए दोनों अधीक्षकों ने भंडारी को इस ऑपरेशन का मास्टरमाइंड बताया और खुलासा किया कि उसके निर्देशों पर कुल 1.5 करोड़ रुपये की रिश्वत तय की गई थी। जांच एजेंसी ने भंडारी को फंसाने के लिए अनिल तिवारी से उसे शीर्ष जांच एजेंसी के अधिकारियों की उपस्थिति में फोन करवाया।
जांच में पता चला कि 70 लाख रुपये कुल रिश्वत की पहली किस्त थी। तिवारी का फोन सुनते ही प्रभा भंडारी ने तुरंत फोन उठाया और तिवारी द्वारा पार्टी से 70 लाख रुपये मिलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने कथित तौर पर खुशी जाहिर करते हुए उनसे कहा कि वे इस रकम को सोने में परिवर्तित करके उन्हें सौंप दें।
प्रभा भंडारी को दिल्ली से किया गया गिरफ्तार
फोन के समय प्रभा भंडारी दिल्ली में थीं। बातचीत के तुरंत बाद सीबीआई की एक टीम ने उन्हें दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया। गौरतलब है कि प्रभा भंडारी के पति भारतीय सेना में कर्नल हैं। बुधवार (31 दिसंबर) रात सीबीआई ने उनके फ्लैट का ताला तोड़कर करीब चार घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान सोना, नकदी और संपत्ति से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों ने करीब 12 दिन पहले जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म पर छापा मारा था और कथित तौर पर मामले को निपटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये की मांग की थी। सीबीआई को इस मांग के संबंध में पहले ही खुफिया जानकारी मिल चुकी थी।
दिल्ली में भंडारी की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और 90 लाख रुपये नकद, संपत्ति के दस्तावेज और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। सीबीआई द्वारा अब तक जब्त की गई कुल नकदी 1.60 करोड़ रुपये है।
हालांकि प्रभा भंडारी को गाजियाबाद की एक अदालत में पेश किया गया जिसने उन्हें रिमांड पर भेज दिया। इसके बाद सीबीआई उन्हें विमान से लखनऊ ले आई। अन्य चार आरोपियों को झांसी की एक अदालत में पेश किया गया और उन्हें भी लखनऊ लाया गया।

