अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण सैन्य संघर्ष का खामियाजा अब निर्दोष भारतीयों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले 48 घंटों के भीतर दुनिया के दो अलग-अलग कोनों में हुई हिंसक घटनाओं में दो भारतीयों की जान चली गई है। जहाँ अमेरिका के टेक्सास में एक नफरती हमले ने भारतीय मूल की छात्रा सविता शान की जान ले ली, वहीं ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई।
अमेरिका के टेक्सास स्थित ऑस्टिन में रविवार तड़के हुई गोलीबारी ने पूरे देश को दहला दिया है। हमलावर की पहचान 53 वर्षीय नडियागा डियाग्ने के रूप में हुई है, जो सेनेगल का एक अप्रवासी था। चश्मदीदों और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर ने ईरानी झंडे वाली टी-शर्ट पहन रखी थी जिस पर “अल्लाह की संपत्ति” लिखा हुआ था।
रिपोर्टों को अनुसार, उसने एक बीयर गार्डन के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें 21 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा सविता शान की मौत हो गई और 14 अन्य लोग घायल हो गए।
संघीय जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के अधिकारियों ने कहा है कि हमले के संभावित आतंकी संबंधों की जांच की जा रही है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने देशभर में आतंकवाद रोधी और खुफिया टीमों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है।
कौन थीं सविता शान?
सविता टेक्सास विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और प्रबंधन की छात्रा थीं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ईमेल के जरिए उनकी मौत की पुष्टि की। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जिम डेविस ने उन्हें “दुनिया को बदलने की तैयारी कर रही प्रतिभाशाली छात्रा” बताया। उन्होंने कहा कि कैंपस समुदाय इस खबर से गहरे सदमे में है।
विश्वविद्यालय के रेडियो स्टेशन के अनुसार शान 21 वर्ष की थीं और ऑस्टिन में ही पली-बढ़ी थीं। अपने लिंक्डइन प्रोफाइल में उन्होंने बताया था कि वह अर्थशास्त्र और प्रबंधन सूचना प्रणाली में दोहरी स्नातक डिग्री कर रही थीं और इसी साल स्नातक होने वाली थीं
वह ऑस्टिन तमिल संगम से जुड़ी स्वयंसेवक थीं और ‘सनफ्लेक स्टिकर्स’ नाम से एक छोटा ई-कॉमर्स स्टार्टअप भी चलाती थीं। उन्होंने प्राइस वॉटरहाउस कूपर्स और रिटेल कंपनी स्टेपल्स में इंटर्नशिप भी की थी।
सविता टेक्सास विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र और प्रबंधन की छात्रा थीं और इसी साल स्नातक होने वाली थीं। वे ‘ऑस्टिन तमिल संगम’ में एक सक्रिय स्वयंसेवक भी थीं। एफबीआई के अनुसार, हमलावर के तार आतंकवाद से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद पूरे अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
ओमान में तेल टैंकर को बनाया गया निशाना, भारतीय की मौत
दूसरी घटना ओमान की खाड़ी में हुई, जहां मार्शल द्वीप के झंडे वाले तेल टैंकर ‘एमकेडी व्योम’ पर मानव रहित सतही पोत (यूएसवी) से हमला किया गया। यह हमला ओमान के तट से करीब 52 समुद्री मील दूर हुआ। जहाज पर लगभग 59,463 मीट्रिक टन कार्गो था।
हमले के बाद मुख्य इंजन कक्ष में आग और विस्फोट हुआ, जिसमें भारतीय नागरिकता वाले एक क्रू सदस्य की मौत हो गई। ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में है और बाकी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है।
समुद्री सुरक्षा केंद्र की मदद से टैंकर पर सवार 21 चालक दल के सदस्यों में से 16 भारतीय, चार बांग्लादेशी और एक यूक्रेनी नागरिक को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्हें पनामा के झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज ‘एमवी सैंड’ के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। ओमान की रॉयल नेवी क्षतिग्रस्त टैंकर पर नजर रखे हुए है और आसपास के समुद्री क्षेत्र में जहाजों को नेविगेशन संबंधी चेतावनी जारी की गई है।
इस बीच ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने लेबनान और फ्रांस के नेताओं से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव पर चिंता जताई। ओमान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत में तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस इनपुट के साथ

