वाशिंगटन: ईरान युद्ध को आधिकारिक तौर पर दो सप्ताह से ज्यादा हो चुके हैं। इस लड़ाई के बीच अमेरिका ने अपना एक और विमान खो दिया है। जंग शुरू होने के बाद अमेरिका के कुल चार विमान गिरे हैं। हालांकि, ताजा घटनाक्रम पर अमेरिका की ओर से कहा गया है कि गुरुवार (12 मार्च) को ईंधन भरने वाला एक विमान- KC-135 स्ट्रैटोटैंकर पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। अमेरिकी सेना ने घोषणा की है कि यह दुर्घटना दुश्मन की गोलीबारी के कारण नहीं हुई है। दूसरी ओर ईरान समर्थित एक इराकी सशस्त्र समूह ने विमान को गिराने की जिम्मेदारी ली है।
पश्चिम इराक में हुए इस विमान क्रैश के बारे में और क्या कुछ पता चला है, और क्या है KC-135, आईए जानते हैं।
- अमेरिकी सेना ने इस घटना की पुष्टि की है। हादसे के बाद बचाव दल इलाके में खोज अभियान चला रहे हैं और अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस दुर्घटना में कोई हताहत हुआ है या नहीं।
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के दौरान दो विमानों से जुड़ी एक घटना में केसी-135 ईंधन टैंकर विमान खो गया। यह घटना उस समय हुई जब दोनों विमान मित्र देशों के हवाई क्षेत्र में मिशन पर काम कर रहे थे।
- सेंट्रल कमांड ने अपने बयान में कहा कि उन्हें अमेरिकी केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के नुकसान की जानकारी है। कमांड ने बताया कि यह घटना तब हुई जब दो विमान इस ऑपरेशन में शामिल थे। एक विमान पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जबकि दूसरा विमान सुरक्षित उतर गया।
- अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना किसी हमले या गोलीबारी की वजह से नहीं हुई। सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस घटना का कारण न तो दुश्मन की गोलीबारी था और न ही अपनी ही सेना की फायरिंग।
- अधिकारियों ने बताया कि खोज और बचाव अभियान जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और विमान में मौजूद चालक दल की स्थिति क्या है। सेंट्रल कमांड ने कहा कि पूरी जानकारी जुटाने और सैनिकों के परिवारों को स्पष्ट जानकारी देने के लिए कुछ समय की जरूरत है, इसलिए लोगों से धैर्य रखने की अपील की गई है।
क्या है KC-135 विमान?
केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर अमेरिकी वायुसेना का एक महत्वपूर्ण विमान है। इसका इस्तेमाल लंबी दूरी के मिशनों के दौरान बमवर्षक और लड़ाकू विमानों में हवा उड़ान के दौरान ही ईंधन भरने के लिए किया जाता है। यह बेहद जटिल प्रक्रिया है। हवा में ईंधन भरने के दौरान लड़ाकू विमान और ईंधन लेकर उड़ने वाले विमान को बेहद करीब रहना पड़ता है।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा घटना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जानकारी में यह संकेत मिले हैं कि हवा में ही दो विमानों की टक्कर हो सकती है। हालांकि सेना ने अभी तक दुर्घटना के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
केसी-135 विमान में आमतौर पर कम से कम तीन सदस्यीय चालक दल होता है। इसमें एक पायलट, एक सह-पायलट और एक बूम ऑपरेटर शामिल होता है। बूम ऑपरेटर वही होता है जो हवा में दूसरे विमानों को ईंधन देने की प्रणाली को संभालता है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दुर्घटना से पहले फ्लाइट ट्रैकिंग डाटा में यह जानकारी सामने आई थी कि केसी-135 विमान ने उड़ान के दौरान आपात स्थिति घोषित की थी। इसके कुछ समय बाद ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अपनी ईंधन भंडारण क्षमता के आधार पर, केसी-135 83,000 पाउंड तक का माल ले जाने की क्षमता रखता है।
(समाचार एजेंसी IANS के इनपुट के साथ)

