लखनऊः प्रदेश में कोहरे और शीतलहर की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अवध क्षेत्र भी घने से बहुत घने कोहरे की चपेट में है और फिलहाल राहत के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को प्रदेश के 52 जिलों में घना से बहुत घना कोहरा छाया रहने की संभावना है। आने वाले दो दिनों में रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट आएगी, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
रविवार सुबह प्रयागराज में धुंध छाया रहा। घने कोहरे के बीच लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। वाराणसी में भी घना कोहरा छाया हुआ है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के मुताबिक देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों के दौरान बहुत घना कोहरा पड़ सकता है।
इसके अलावा कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मीरजापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, बागपत, मेरठ, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा और औरैया में भी घना कोहरा छाए रहने का अलर्ट जारी किया गया है। डॉ. सिंह के अनुसार सुबह के समय कोहरे का असर रहेगा ही, शाम के बाद इसकी तीव्रता और बढ़ सकती है।
मौसम विभाग ने वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कई जिलों में दृश्यता 50 मीटर तक सिमटने का अनुमान है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। लखनऊ में शनिवार को अधिकतम तापमान में 3.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। यहां अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 10.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में शीत दिवस की भी संभावना जताई गई है। इन जिलों में दिन के समय भी ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
सरकार ने राहत इंतजाम तेज किए
इधर, शीतलहर और घने कोहरे को देखते हुए प्रदेश सरकार ने राहत कार्यों को तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जनपदों में रैन बसेरा, अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय कर दी गई है। सरकार ने साफ कहा है कि शीतलहर के दौरान कोई भी जरूरतमंद ठंड से प्रभावित न रहे।
प्रदेशभर में अब तक 1247 रैन बसेरे स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें 9949 लोग आश्रय ले चुके हैं। जिला प्रशासन को रैन बसेरों में साफ-सफाई, गर्म पानी, रोशनी और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कंबल वितरण को भी प्राथमिकता दी गई है। पिछले तीन वर्षों में औसतन 10.65 लाख कंबलों की खरीद पर लगभग 44.38 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। चालू व्यवस्था के तहत सभी जनपदों को 17.55 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। 75 जनपदों ने कंबल खरीद के आदेश जारी कर दिए हैं, जिनमें से 3.78 लाख कंबलों की आपूर्ति पूरी हो चुकी है। अब तक 1.40 लाख से अधिक कंबल जरूरतमंदों में बांटे जा चुके हैं और शेष का वितरण जारी है।
ठंड से बचाव के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए जनपदों को 1.75 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अलाव की स्थिति की रोजाना फीडिंग राहत पोर्टल पर की जा रही है, ताकि शासन स्तर पर लगातार निगरानी बनी रहे।
कोहरे के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा ‘सचेत’ ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से अब तक 33.27 करोड़ अलर्ट एसएमएस जारी किए जा चुके हैं। ये संदेश अधिकारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी भेजे गए हैं। वहीं, यूपीडा, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी जैसे विभाग जिलाधिकारियों और पुलिस को ई-मेल के जरिए लगातार अलर्ट भेज रहे हैं।

