Friday, March 20, 2026
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UP Budget 2026: नई योजनाओं के लिए 43,565 करोड़ रुपये आवंटित, प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार के पिछले कार्यकाल से लेकर अब तक प्रदेश में हर क्षेत्र में ठोस प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, आधारभूत ढांचे का विस्तार करने, औद्योगिक निवेश बढ़ाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की दिशा में काम हुआ है। साथ ही महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की आय में बढ़ोतरी और गरीबी उन्मूलन को सरकार की प्राथमिकता बताया।

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696.35 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह पिछले बजट से 12.9 प्रतिशत अधिक है। इसमें 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की नई योजनाएं शामिल हैं।

सरकार ने इसे विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे को गति देने वाला बजट बताया है। मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक राज्य की जीएसडीपी 2024-25 में 30.25 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत अधिक है।

बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है और इंडेक्स रैंकिंग 29वें से 18वें स्थान पर पहुंची है। सरकार का दावा है कि छह करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर

कृषि और संबद्ध सेवाओं के लिए कुल बजट का 9 प्रतिशत आवंटित किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि गेहूं और आलू उत्पादन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। किसानों की आय बढ़ाने और उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एग्रीकल्चर एक्सपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे।

गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।

ऊर्जा क्षेत्र में डीजल आधारित नलकूपों को चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा आधारित किया जाएगा। अब तक 2815 मेगावॉट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित किए जा चुके हैं।

ग्राम्य विकास के लिए 25,500 करोड़ रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों की त्वरित आर्थिक विकास योजना के लिए 2,400 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पंचायतीराज विभाग को 32,090 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ रुपये का प्रावधान

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 37,956 करोड़ रुपये और चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 14 नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 1,023 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

एनएचआरएम के लिए 8,641 करोड़ रुपये, आयुष्मान भारत के लिए 500 करोड़ रुपये और कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। असाध्य रोगों के इलाज के लिए 130 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

बेसिक शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के कैशलेस इलाज के लिए 358 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

बजट में शिक्षा, कौशल और युवा के लिए क्या?

उच्च शिक्षा का बजट 7 प्रतिशत बढ़ाकर 6,591 करोड़ रुपये किया गया है। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास विभाग का बजट 88 प्रतिशत बढ़ाकर 3,349 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

कौशल विकास केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और पीपीपी मॉडल पर नए केंद्र खुलेंगे। महिलाओं के लिए अलग कौशल केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना के लिए 2,374 करोड़ रुपये तथा छात्राओं की स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लिए 1,000 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

उद्योग, एमएसएमई और रोजगार पर भी जोर

एमएसएमई सेक्टर के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में पांच गुना वृद्धि बताई गई है।

‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ के लिए 575 करोड़ रुपये और नई सिटी इकोनॉमिक रीजन योजना के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है और स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को लीडर श्रेणी मिली है।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

प्रदेश में ‘नई और उभरती टेक्नोलॉजी मिशन’ की स्थापना होगी। स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर्स बनाए जाएंगे।

आठ डेटा सेंटर पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 900 मेगावॉट होगी। यह कदम आईटी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

ऊर्जा क्षेत्र के लिए 65,926 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं, सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये तथा अवस्थापना और औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के लिए 400 करोड़ रुपये और नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर अयोध्या, फिरोजाबाद, गोरखपुर, गाजियाबाद, मथुरा-वृंदावन, मेरठ और शाहजहांपुर को विकसित किया जाएगा। नगर विकास के लिए 26,514 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

नागरिक उड्डयन और सुरक्षा

नागरिक उड्डयन के लिए 2,111 करोड़ रुपये तथा हवाई पट्टियों के निर्माण और भूमि अर्जन के लिए 1,100 करोड़ रुपये रखे गए हैं। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के लिए 1,374 करोड़ और आवासीय भवनों के लिए 1,234 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

सामूहिक विवाह योजना के अनुदान में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान राशि 51,000 रुपये से बढ़ाकर 1.01 लाख रुपये कर दी गई है। इसके लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

अनुसूचित जाति की निर्धन पुत्रियों की शादी के लिए 100 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग की निर्धन पुत्रियों के लिए 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया गया है।

अनिल शर्मा
अनिल शर्माhttp://bolebharat.in
दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में उच्च शिक्षा। 2015 में 'लाइव इंडिया' से इस पेशे में कदम रखा। इसके बाद जनसत्ता और लोकमत जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला। अब 'बोले भारत' के साथ सफर जारी है...
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