Friday, March 20, 2026
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उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी CBI

CBI के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक स्पेशल लीव पिटीशन दायर करने का फैसला किया गया है।अधिकारियों ने यह भी कहा कि बेल ऑर्डर के बावजूद कुलदीप सेंगर जेल में ही रहेंगे क्योंकि वह रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत से जुड़े एक दूसरे मामले में अलग से 10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

नई दिल्ली: पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने के फैसले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। उन्नाव रेप केस में सेंगर को मिली उम्रकैद की सजा को 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने निलंबित करते हुए जमानत दी थी। हाई कोर्ट के फैसले के बाद से ही इस पर सवाल उठ रहे हैं और फैसले को लेकर देश भर से कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।

समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक CBI के एक प्रवक्ता ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट में एक स्पेशल लीव पिटीशन दायर करने का फैसला किया गया है। यह याचिका उस फैसले के खिलाफ है जिसमें सेंगर की अपील पेंडिंग रहने तक उनकी उम्रकैद की सजा पर रोक लगा दी गई थी। अधिकारियों ने यह भी साफ किया कि बेल ऑर्डर के बावजूद, सेंगर जेल में ही रहेंगे क्योंकि वह रेप पीड़िता के पिता की कस्टडी में मौत से जुड़े एक दूसरे मामले में अलग से 10 साल की जेल की सजा काट रहे हैं।

सेंगर ने दिसंबर 2019 में एक ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। इस अपील का सीबीआई और पीड़िता के परिवार दोनों ने कड़ा विरोध किया था। पीड़िता के परिवार ने सुरक्षा और कथित धमकियों को लेकर चिंता जताई थी। एजेंसी ने कहा कि उसने समय पर जवाब और लिखित सबमिशन दाखिल किए थे, जबकि पीड़िता के परिवार ने भी सुरक्षा कारणों से याचिका का विरोध किया था।

हाई कोर्ट ने यह देखते हुए कि वह पहले ही लगभग सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुके हैं, मंगलवार को सेंगर की सजा पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट के अनुसार यह रोक तब तक लागू रहेगी जब तक दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ उनकी अपील पर फैसला नहीं हो जाता। बेल देते समय, कोर्ट ने कुछ शर्तें भी लगाईं, जिसमें 15 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की तीन जमानतें शामिल हैं। कोर्ट ने सेंगर को यह भी निर्देश दिया कि वह दिल्ली में पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में न जाएं।

2019 में मिली थी सेंगर को सजा

उन्नाव दुष्कर्म मामला साल 2017 में सामने आया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह मामला एक नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म से जुड़ा था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साल 2019 में कुलदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया गया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इससे पहले मामले को अगस्त 2019 में उत्तर प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर किया गया था।

हाई कोर्ट के जमानत के आदेश पर पीड़िता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, और इसे अपने परिवार के लिए ‘काल’ बताया है। पीड़िता ने ये भी कहा कि ऐसे फैसले यौन हिंसा से बचे लोगों में डर को और बढ़ाते हैं। पीड़िता और उसकी मां ने मंगलवार देर शाम दिल्ली में विरोध प्रदर्शन भी किया था। बाद में बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने भी पीड़िता से मुलाकात की थी।

पीड़िता ने ये भी आरोप लगाया है कि उसके परिवार और कानूनी टीम की सुरक्षा पहले ही हटा ली गई थी और दावा किया कि कोर्ट के फैसले से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

बहरहाल, सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ने हाईकोर्ट के फैसले का गहन अध्ययन कर लिया है और अब सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती देने की पूरी तैयारी है।

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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