Friday, March 20, 2026
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यूक्रेन ने अपने 6 नागरिकों की भारत में गिरफ्तारी पर जताया विरोध, NIA ने की है कार्रवाई; क्या है मामला?

मामले में नेशनल एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर 13 मार्च को दर्ज की गई थी।

नई दिल्ली: यूक्रेन ने अपने छह नागरिकों के भारत के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा गिरफ्तारी को लेकर विरोध दर्ज कराया है। एनआईए ने कुछ दिन पहले इन छह यूक्रेनी नागरिकों को भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यूक्रेन ने विदेश मंत्रालय के समक्ष आधिकारिक विरोध दर्ज कराते हुए अपने नागरिकों की तत्काल रिहाई और उनसे मिलने की अनुमति की मांग की है।

गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनी लोगों के अलावा एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि वे मामले से अवगत हैं, फिर भी वे ‘गोपनीयता कारणों’ से इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

दरअसल, एनआईए ने आरोप लगाया है कि यह समूह आतंकी हमलों की योजना बना रहा था और उनकी गतिविधियों ने सीमा पार खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी थी। एनआईए के अनुसार आरोपी म्यांमार में ‘जातीय सशस्त्र समूहों’ के उपयोग के लिए यूरोप से भारत के रास्ते अवैध रूप से ‘ड्रोन की भारी खेप आयात’ कर रहे थे। केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, ये समूह कथित तौर पर कुछ प्रतिबंधित ‘भारतीय विद्रोही समूहों को हथियार और अन्य आतंकवादी उपकरण मुहैया कराकर और उन्हें प्रशिक्षण देकर’ उनका समर्थन भी कर रहे थे।

आरोप है कि ये सभी विदेशी (छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी) वीजा पर भारत आए और फिर मिजोरम में दाखिल हुए। इसके बाद यहां से वे म्यांमार में दाखिल हुए और वहां जातीय समूहों से संपर्क किया गया। मामले में नेशनल एनआईए ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 18 के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर 13 मार्च को दर्ज की गई थी।

यूक्रेन ने मामले पर क्या कहा है?

इस संबंध में यूक्रेन के विदेश मंत्रालय की प्रेस सेवा ने सोमवार को कहा था, ’13 मार्च 2026 को, यूक्रेन के छह नागरिकों को भारत में हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन पर मिजोरम राज्य में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करने का आरोप है, जिसके लिए विशेष परमिट की जरूरत पड़ती है। साथ ही भारत और म्यांमार के बीच सीमा को कथित तौर पर अवैध रूप से पार करने का भी आरोप है। वर्तमान में, भारत के अधिकारी संबंधित जांच कार्रवाई कर रहे हैं।’

यूक्रेन के बयान में यह भी कहा गया है कि ‘अभी तक ऐसे कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं जिनसे यह साबित हो कि उक्त यूक्रेनी नागरिक भारत या म्यांमार की धरती पर गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे।’

बयान में आगे कहा गया है, ‘जांच के हित में मामले का विवरण सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। भारत में यूक्रेन के दूतावास के यूक्रेनी कांसुलर अधिकारियों की सहायता से, अदालती कार्यवाही के दौरान नागरिकों को कानूनी सहायता और बचाव वकील मुहैया कराए गए हैं।’

दूसरी ओर अमेरिकी नागरिक को कोलकाता हवाई अड्डे पर आव्रजन ब्यूरो द्वारा हिरासत में लिया गया। जबकि छह यूक्रेनी नागरिकों में से तीन को लखनऊ और तीन को दिल्ली के हवाई अड्डों पर हिरासत में लिया गया। संदिग्धों को दिल्ली लाया गया और शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, जिन्होंने उन्हें तीन दिन की हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को संदिग्धों को 27 मार्च तक के लिए फिर से हिरासत में भेज दिया गया।

यूक्रेन का कहना है कि भारत ने दूतावास को सूचित नहीं किया। यूक्रेन के प्रेस कार्यालय के अनुसार, 16 मार्च को एक अदालती सुनवाई हुई, जिसमें यूक्रेन दूतावास के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। बयान में कहा गया है, ‘हालांकि, उन्हें हिरासत में लिए गए लोगों से सीधे बात करने का अवसर नहीं दिया गया। सुनवाई के बाद, अदालत ने उनकी हिरासत 27 मार्च 2026 तक बढ़ाने का फैसला किया।’

भारत ने क्या कहा?

इस बीच भारत में सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह एक कानूनी मामला है और संबंधित अधिकारी इस पर कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम स्थापित नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार कांसुलर पहुंच के अनुरोध की जांच कर रहे हैं।’

इंडियन एक्सप्रेस ने भारतीय सूत्रों के हवाले से बताया कि ‘यूक्रेनी राजनयिक मिशन हिरासत में लिए गए यूक्रेनी नागरिकों के परिजनों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर विशेष नियंत्रण बनाए हुए है।’

आगे बताया गया, ‘भारत में विदेशी नागरिकों के लिए कुछ प्रतिबंधित क्षेत्र हैं, जहां विशेष परमिट के बिना प्रवेश संभव नहीं है। साथ ही, अक्सर ऐसे क्षेत्रों को लेकर उचित जानकारी नहीं होती है, जिससे स्थापित नियमों के अनजाने में उल्लंघन होने का का खतरा बना रहता है।’

विनीत कुमार
विनीत कुमार
पूर्व में IANS, आज तक, न्यूज नेशन और लोकमत मीडिया जैसी मीडिया संस्थानों लिए काम कर चुके हैं। सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन की डिग्री। मीडिया प्रबंधन का डिप्लोमा कोर्स। जिंदगी का साथ निभाते चले जाने और हर फिक्र को धुएं में उड़ाने वाली फिलॉसफी में गहरा भरोसा...
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