रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी उफा स्थित स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में शनिवार को चाकूबाजी की घटना हुई। हमले में कई लोग घायल हो गए, जिनमें चार भारतीय छात्र भी शामिल हैं। भारतीय दूतावास (मॉस्को) ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और कजान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा रवाना हो गए हैं, ताकि घायल छात्रों को हर संभव सहायता दी जा सके।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा, “उफा में एक दुर्भाग्यपूर्ण हमला हुआ है। कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार भारतीय छात्र शामिल हैं।” दूतावास ने आश्वासन दिया कि भारतीय अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर छात्रों और उनके परिवारों की मदद करेगी।
क्या हुआ था?
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, 15 वर्षीय एक किशोर विश्वविद्यालय परिसर में घुसा और हॉस्टल के अंदर छात्रों पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। हमले के दौरान अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रों और स्टाफ को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रूस के आंतरिक मंत्रालय के अनुसार, गिरफ्तारी का विरोध करते समय हमलावर ने दो पुलिसकर्मियों को भी चाकू मारा। मंत्रालय की प्रवक्ता मेजर जनरल इरीना वोल्क ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने खुद को भी घायल कर लिया।
रूस के संघीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हमले में घायल लोगों में से चार का इलाज चल रहा है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई है। आरोपी किशोर को भी बच्चों के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी स्थिति भी गंभीर बताई जा रही है।
नियो-नाजी विचारधारा से जुड़ाव का दावा
रूसी मीडिया आउटलेट्स, विशेषकर Baza टेलीग्राम चैनल और अख़बार Izvestia ने दावा किया है कि आरोपी प्रतिबंधित नियो-नाजी संगठन ‘एनएस/डब्ल्यूपी’ से जुड़ा था और हमले के दौरान वह उग्र राष्ट्रवादी नारे लगा रहा था। इन रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि उसने दीवार पर नाजी प्रतीक चिन्ह बनाया।हालांकि, रूसी अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से हमले के मकसद की पुष्टि नहीं की है।
स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी का पीड़ितों से कोई पूर्व संबंध था या नहीं।

