तेहरानः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की ‘पूरी सभ्यता खत्म करने’ की धमकी और इजराइल द्वारा ईरानी बुनियादी ढांचों पर शुरू किए गए हमलों के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है।
दूतावास ने सभी भारतीयों को अगले 48 घंटे तक ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ यानी सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी है।
दूतावास की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पहले की एडवाइजरी को जारी रखते हुए भारतीय नागरिक जहां हैं, वहीं रहें और अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें। खास तौर पर बिजली प्रतिष्ठानों, सैन्य ठिकानों और बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहने को कहा गया है। साथ ही, हाईवे पर किसी भी तरह की आवाजाही से पहले दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दूतावास की व्यवस्था के तहत होटलों में ठहरे भारतीय नागरिक भी कमरे के भीतर ही रहें और मौके पर मौजूद दूतावास टीम के संपर्क में बने रहें।

भारतीयों के लिए दूतावास ने हेल्पलाइन जारी की
दूतावास ने नागरिकों से आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने की अपील की है और किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर (+989128109115, +989128109102, +989128109109, +989932179359) जारी किए हैं। इन नंबरों को 24 घंटे सक्रिय रखने की बात कही गई है।
गौरतलब है कि भारत सरकार इससे पहले भी ईरान में मौजूद अपने नागरिकों को सतर्क रहने और हालात बिगड़ने पर देश छोड़ने की सलाह दे चुकी है। भारत सरकार का यह ताजा कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस भयावह बयान के कुछ ही घंटों बाद आया है जिसमें उन्होंने ईरान के अस्तित्व को मिटाने की बात कही है।
ट्रंप ने की ईरान को ‘महाविनाश’ की धमकी
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा।” हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि वे ऐसा नहीं चाहते, लेकिन शायद अब यही होने वाला है।
उन्होंने दावा किया कि मंगलवार की रात दुनिया के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण क्षण साबित होगी, जहां पिछले 47 वर्षों से चल रहे दमन, भ्रष्टाचार और मौत के सिलसिले का अंत हो जाएगा। ट्रंप ने संकेत दिया कि वहां सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब अधिक समझदार लोग नेतृत्व संभालेंगे।
इस कूटनीतिक तनाव के बीच युद्ध के मैदान से विनाशकारी खबरें भी आनी शुरू हो गई हैं। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) की धमकियों के बाद ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की खबरें हैं।
ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम ईरान में तबरीज-जंजान हाईवे पर बने एक प्रमुख पुल और याह्या अबाद रेलवे पुल को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा सामरिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर भी हमले की सूचना है।
इससे पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत नहीं खोला गया, तो ईरान के ऊर्जा संयंत्रों और पुलों को एक ही रात में मलबे में तब्दील कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे “पावर प्लांट डे” और “ब्रिज डे” का नाम दिया है।
फिलहाल ईरान ने किसी भी अस्थाई युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिससे सैन्य टकराव टलने की उम्मीदें बेहद कम हो गई हैं। पश्चिम एशिया में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो मंगलवार की रात इतिहास की सबसे भीषण सैन्य कार्रवाई की गवाह बन सकती है।
बता दें कि भारत सरकार स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है और नागरिकों को सुरक्षित निकालने की योजनाओं पर विचार कर रही है।

