वॉाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कांग्रेस (संसद) के संयुक्त सत्र में अपने दूसरे कार्यकाल का पहला ‘पीपुल्स स्टेट ऑफ द यूनियन’ भाषण दिया। इस अहम भाषण में उन्होंने अर्थव्यवस्था, आव्रजन और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपनी सरकार की उपलब्धियों को सामने रखा।
ट्रंप ने संबोधन में बीते वर्ष को देश के लिए बड़े बदलाव का दौर बताते हुए खुद को मजबूत और विजयी नेता के रूप में पेश किया। उन्होंने अपनी आर्थिक नीतियों, खासकर वैश्विक टैरिफ (शुल्क) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद आक्रामक रुख अपनाया और दावा किया कि उनकी रणनीति से अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर का फायदा हुआ है।
‘इनकम टैक्स की जगह ले सकते हैं टैरिफ‘
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि 1977 के इमरजेंसी कानून के तहत उनके पास भारत समेत दुनिया भर में अमेरिका के व्यापार सहयोगियों पर बड़े आयात शुल्क लगाने का अधिकार नहीं है। अदालत के इस फैसले को ट्रंप ने बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इससे उनकी नीति पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
ट्रंप ने ऐलान किया कि वह सभी देशों पर 15 प्रतिशत का नया टैरिफ लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास राष्ट्रपति के तौर पर नए समझौते करने की पर्याप्त कानूनी शक्तियां हैं, जो कई देशों के लिए पहले से भी ज्यादा सख्त हो सकती हैं।
उन्होंने दावा किया कि दशकों से दूसरे देश अमेरिका को लूट रहे थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा किए गए व्यापार समझौतों से न सिर्फ अमेरिका बल्कि अन्य देश भी खुश हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि विदेशी देशों द्वारा चुकाए जा रहे टैरिफ भविष्य में आधुनिक आयकर प्रणाली (इनकम टैक्स) की जगह ले सकते हैं, जिससे आम अमेरिकी नागरिकों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद टैरिफ किसी न किसी कानूनी रास्ते से लागू रहेंगे और कांग्रेस की अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय विवाद और युद्ध उन्होंने टैरिफ की धमकी के जरिए सुलझाए। उनका दावा था कि इन आर्थिक कदमों ने राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत किया है।
डेमोक्रेट्स और इमरिग्रेशन पर तीखा हमला
संबोधन के दौरान ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसदों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मिनेसोटा से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि इल्हान उमर का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सोमाली समुद्री लुटेरों ने रिश्वत, भ्रष्टाचार और कानूनहीनता के जरिए मिनेसोटा को बर्बाद किया।
ट्रंप ने कहा कि खुली सीमाएं और अनियंत्रित आव्रजन ऐसी समस्याओं को अमेरिका के भीतर ला रहा है। इस पर ओमर ने अपनी सीट से ही ट्रंप को “झूठा” कहा।
राष्ट्रपति ने डेमोक्रेट्स को चुनौती देते हुए कहा कि उनकी सरकार की पहली जिम्मेदारी अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा है, न कि अवैध प्रवासियों की। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका में बढ़ते हिंसक अपराधों के पीछे अवैध प्रवासी जिम्मेदार हैं और उन्हें “वापस भेजने” के लिए उनकी सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
ट्रंप ने अपने आर्थिक आकलनों को सही ठहराते हुए कहा कि उन्होंने उन रुझानों को पहले ही पहचान लिया था जिन्हें 22 नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री समझने में चूक गए। दावा किया कि व्यापार समझौतों से अमेरिका को भारी राजस्व मिला है और अधिकतर देश व कंपनियां मौजूदा समझौतों को जारी रखना चाहती हैं।

