केरल के त्रिशूर रेलवे स्टेशन पर रविवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब वहां वहां मोटरसाइकिल पार्किंग में भीषण आग लग गई। इस हादसे में पार्किंग में खड़ीं सैकड़ों दोपहिया वाहन जलकर खाक हो गए। आग सुबह करीब 6 बजे स्टेशन के पीछे, दूसरे प्लेटफॉर्म के पास स्थित बाइक पार्किंग जोन में लगी।
आग से उठता घना काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। सूचना मिलते ही त्रिशूर और आसपास के इलाकों से दमकल और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और आग को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया।
आग पास ही स्थित एक बड़े पेड़ तक फैल गई, जो दूसरे प्लेटफॉर्म के नजदीक था। एहतियात के तौर पर रेलवे स्टेशन के पीछे की सड़क पर यातायात रोक दिया गया। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने इलाके की बिजली आपूर्ति काट दी और आसपास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
रेलवे ने क्या कहा, कैसे लगी आग?
दक्षिण रेलवे की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फायर टेंडरों की त्वरित तैनाती से आधे घंटे के भीतर आग पर काबू पा लिया गया। कुछ दोपहिया वाहन जल गए, लेकिन किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग एक खड़े दोपहिया वाहन से शुरू होकर अन्य वाहनों तक फैल गई। इस घटना से ट्रेन सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं।
लोहे की चादर से बनी बाइक पार्किंग शेड पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। शेड की संरचना के कारण दमकल कर्मियों को सीधे पानी डालने में दिक्कत आई, इसलिए उन्होंने किनारों और वेंटिलेशन गैप से पानी का छिड़काव किया। इस दौरान मोटरसाइकिलों के फ्यूल टैंक फटने से आग के गोले ऊपर उठते दिखे, जिससे राहतकर्मियों के लिए खतरा और बढ़ गया।
टिकट काउंटर, रेल इंजन भी आग की चपेट में
स्टेशन के दूसरे गेट पर स्थित टिकट काउंटर पूरी तरह जल गया। वहीं, पास में खड़ा एक रेलवे इंजन भी आग की चपेट में आ गया, जिसे बाद में सुरक्षित रूप से वहां से हटा दिया गया। आसपास खड़े अन्य वाहनों को भी तुरंत हटाया गया, ताकि नुकसान और न बढ़े।
पार्किंग काउंटर पर काम कर रही दो महिला कर्मचारी बाल-बाल बच गईं और समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंच गईं। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, हादसे के वक्त शेड में करीब 500 मोटरसाइकिलें खड़ी थीं और माना जा रहा है कि सभी पूरी तरह नष्ट हो गईं। अधिकारियों का कहना है कि रविवार होने के कारण वाहनों की संख्या कम थी, वरना यह आंकड़ा करीब 1,000 तक पहुंच सकता था।

‘जान बचाने के लिए भागना पड़ा’
पार्किंग कर्मचारी मल्लिका ने बताया कि आग की शुरुआत दो मोटरसाइकिलों से हुई थी। उन्होंने कहा, “अचानक धुआं उठता दिखा। मैंने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। मदद के लिए आवाज लगाई, तभी फ्यूल टैंक फट गया और आग तेजी से फैल गई। जान बचाने के लिए मुझे भागना पड़ा।”
एक अन्य यात्री ने बताया कि वह स्कूटर खड़ा कर पार्किंग टिकट लेने गया था। “जब वापस लौटा, तब तक पूरा इलाका आग की चपेट में आ चुका था,” उसने कहा।
आग लगने की संभावित वजह ओवरहेड रेलवे लाइन से निकली चिंगारी या लपट का बाइक पर गिरे कवर से टकराना मानी जा रही है, हालांकि अधिकारी फिलहाल इसकी विस्तृत जांच कर रहे हैं। संभावित विस्फोटों के खतरे को देखते हुए दमकल कर्मियों ने कई घंटों तक सतर्कता के साथ राहत कार्य जारी रखा।

