इस्लामाबाद: अफगान वायु सेना के ड्रोन विमानों ने रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, क्वेटा स्थित 12वीं कोर मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मंद एजेंसी में स्थित खोविजू कैंप और गुलनी सैन्य अड्डों सहित प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। पाकिस्तान के लिए सभी महत्वपूर्ण रक्षा ठिकाने के केंद्र माने जाते हैं।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि ये अभियान पाकिस्तानी सेना द्वारा हाल ही में की गई हवाई घुसपैठ के जवाब में चलाए गए थे। मंत्रालय ने कहा, ‘आज मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल डिफेंस की वायु सेना ने पाकिस्तान में प्रमुख सैन्य ठिकानों के खिलाफ सटीक और समन्वित हवाई अभियान चलाए, जिनमें रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस, क्वेटा (बलूचिस्तान) में 12वीं डिवीजन मुख्यालय, खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मंद एजेंसी में स्थित ख्वाजाई कैंप, साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं और कमान केंद्रों को निशाना बनाया गया।’
इसमें आगे कहा गया है, ‘प्रारंभिक आकलन के आधार पर, हमलों ठिकानों को काफी नुकसान पहुँचा है। ये अभियान पाकिस्तानी सेना द्वारा हाल ही में किए गए हवाई हमलों के जवाब में चलाए गए, जिनमें कल रात और आज सुबह काबुल, बगराम और कई अन्य क्षेत्रों पर हमले शामिल थे। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शत्रुतापूर्ण पाकिस्तानी तत्वों द्वारा हमारे हवाई क्षेत्र का कोई भी उल्लंघन या आक्रामकता का त्वरित, निर्णायक और उचित जवाब दिया जाएगा, इंशाल्लाह।’
अफगानिस्तान ने कामिकेज ड्रोन का एक वीडियो और पाकिस्तानी एयर बेसों की तस्वीरें भी साझा की है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान संघर्ष
पिछले हफ्ते पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के खिलाफ ‘खुले युद्ध’ के ऐलान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। पिछले हफ्ते पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान की राजधानी काबुल समेत कई प्रमुख शहरों पर पाकिस्तान द्वारा बमबारी की गई थी। पाकिस्तान ने हवाई हमलों में 270 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराने और 400 से अधिक को घायल करने का दावा किया है। पाकिस्तान ने अपनी कार्रवाई को ‘ऑपरेशन ‘गजब-लिल-हक’ नाम दिया था।
दूसरी ओर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कहा था कि उनकी सेना ने 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और पाकिस्तान के अंदर ‘महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों’ को निशाना बनाया।
इससे पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान सामने आया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि पाकिस्तान ने अपनी ओर से और मित्र देशों के माध्यम से स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया और कूटनीति का भी सहारा लिया, लेकिन ‘तालिबान भारत का मोहरा बन गया है।’
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को डूरंड लाइन के नाम से जाना जाता है, जिसे तालिबानी नेतृत्व वाले काबुल ने औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है।
हाल के दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच कई मौकों पर जवाबी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। अफगान सेना ने जलालाबाद के ऊपर एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराने और उसके पायलट को जिंदा पकड़ने का भी दावा किया था।
पूर्वी अफगानिस्तान में सेना के प्रवक्ता वाहिदुल्ला मोहम्मदी ने पुष्टि की कि पाकिस्तानी विमान को अफगान सेना ने मार गिराया था और पायलट को जिंदा पकड़ लिया गया था। वहीं, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावे को ‘पूरी तरह से झूठा’ बताया है।

